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05-Jan-2026 01:43 PM
By First Bihar
revenue department : बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देशन में आज भागलपुर में भूमि सुधार जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य था जनता की जमीन से संबंधित शिकायतों को सुनना और उनका त्वरित समाधान करना। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न हिस्सों से आए फरियादियों ने अपने जमीन संबंधी मसलों को विभागीय अधिकारियों के समक्ष रखा।
कार्यक्रम के दौरान एक फरियादी ने अपने जमीन पर जबरदस्ती कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि उसकी जमीन पर दूसरा पक्ष लगातार अवैध रूप से कब्जा कर रहा है, जिससे उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फरियादी ने मंत्री और सचिव से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने की गुहार लगाई।
शिकायत सुनने के बाद विभाग के सचिव गोपाल मीणा ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित थाने को मौके पर जाने का निर्देश दिया। उन्होंने राजस्व कर्मचारी को भी मामले में शामिल होने और उचित कदम उठाने का आदेश दिया। हालांकि, इसी दौरान राजस्व कर्मचारी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि दूसरे पक्ष की प्रवृत्ति काफी दबंग है। इसलिए बिना सोच-विचार के कोई भी निर्णय लेना मुश्किल है।
इस पर विभागीय सचिव गोपाल मीणा ने अनोखी और सटीक सलाह दी। उन्होंने राजस्व कर्मचारी से कहा, "आप फिक्र क्यों करते हैं? थानेदार से बड़ा कोई दबंग है क्या? आप उनके पास जाइए और मामले का तुरंत समाधान करिए।" इस बात ने सभी उपस्थित लोगों का ध्यान खींचा और कार्यक्रम में एक सकारात्मक माहौल बनाया। सचिव का यह स्पष्ट संदेश था कि कानून और व्यवस्था में विश्वास रखना चाहिए और हर नागरिक की जमीन सुरक्षित है।
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी इस अवसर पर फरियादियों को आश्वासन दिया कि विभाग उनकी समस्याओं का गंभीरता से समाधान करेगा। उन्होंने कहा कि भूमि सुधार विभाग का उद्देश्य जनता की जमीन संबंधी समस्याओं को जल्द से जल्द हल करना है और इसके लिए जन संवाद कार्यक्रम जैसी पहल जारी रहेगी। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता की शिकायतों को अनदेखा न करें और मामलों का निष्पक्ष और शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।
विशेष रूप से इस कार्यक्रम में यह बात सामने आई कि जमीन से जुड़े विवाद अक्सर दबंग प्रवृत्ति वाले पक्षों के कारण बढ़ जाते हैं। ऐसे में सरकारी अधिकारियों और पुलिस की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। सचिव गोपाल मीणा की टिप्पणी ने स्पष्ट कर दिया कि कानून का पालन सभी के लिए समान है और किसी भी दबंग का प्रभाव कानून से ऊपर नहीं है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी इस पहल की सराहना की। कई फरियादियों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम से उन्हें अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का मौका मिलता है और उन्हें भरोसा होता है कि उनकी बात सुनी जाएगी। वहीं अधिकारियों ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान करना उनका कर्तव्य है और जन संवाद इस दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
अंत में, इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जनता और सरकारी विभागों के बीच संवाद स्थापित करना बहुत जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति अपनी जमीन पर अवैध कब्जे जैसी समस्या का सामना कर रहा है, तो वह सीधे संबंधित अधिकारियों या थानेदार के पास जाकर अपना हक पा सकता है। विभागीय सचिव और मंत्री दोनों का यही मानना है कि जमीन संबंधी मामलों में कानून की उपेक्षा नहीं की जा सकती और हर नागरिक का हक सुरक्षित है।
भागलपुर में आयोजित यह भूमि सुधार जनसंवाद कार्यक्रम न सिर्फ फरियादियों के लिए समाधान लेकर आया बल्कि यह भी दिखाया कि प्रशासनिक अधिकारियों का दृष्टिकोण कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है। थानेदार से बड़ा कोई दबंग नहीं, यह संदेश जनता को विश्वास और सुरक्षा दोनों देता है।