Vikramshila Bridge Traffic: भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर गुरुवार को भीषण जाम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी. बेली ब्रिज शुरू होने के बाद जाम से राहत की उम्मीद कर रहे लोगों को नवगछिया से भागलपुर जीरोमाइल के बीच करीब 15 किलोमीटर लंबे जाम का सामना करना पड़ा. दोपहर में शुरू हुई वाहनों की कतार देर रात तक बनी रही. हालात ऐसे रहे कि करीब 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु को पार करने में लोगों को चार से साढ़े चार घंटे तक का समय लग गया.


सुबह 11 बजे से बढ़ने लगा वाहनों का दबाव

जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 11 बजे विक्रमशिला सेतु और इसके आसपास वाहनों का दबाव बढ़ना शुरू हुआ. देखते ही देखते बाइक, ऑटो, कार और व्यावसायिक वाहनों की लंबी कतार लग गई. पुल पर आगे निकलने की कोशिश में कई वाहन चालक आड़े-तिरछे तरीके से ओवरटेक करने लगे. इससे दोनों लेन में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और धीरे-धीरे जाम की स्थिति गंभीर होती चली गई.


जाह्नवी चौक के आगे पहुंचते ही वाहनों की रफ्तार काफी कम हो गई. करीब 11:30 बजे तक यातायात बेहद धीमा हो चुका था, जबकि दोपहर 12 बजे के बाद स्थिति और बिगड़ गई. इसके बाद नवगछिया की ओर से लेकर भागलपुर जीरोमाइल तक वाहनों की लंबी कतार लग गई.


एंबुलेंस और मरीजों के वाहन भी जाम में फंसे

जाम में एंबुलेंस और मरीजों को लेकर जा रहे वाहन भी फंसे रहे. तेज गर्मी के बीच लंबे समय तक जाम में फंसे रहने के कारण मरीजों और उनके स्वजन की परेशानी बढ़ गई. कई जगहों पर लोग गर्मी से राहत पाने के लिए अपने वाहनों पर पानी डालते नजर आए.


जाम की वजह से कई यात्री वाहनों से उतरकर पैदल ही पुल पार करने लगे. कुछ लोग छोटे बच्चों को गोद में लेकर आगे बढ़ते दिखाई दिए. यात्रियों का कहना था कि लंबे समय तक पुल पर फंसे रहने के बावजूद पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी और बढ़ गई.


कांवड़ियों के वाहनों से भी बढ़ा दबाव

देवघर से लौट रहे कांवड़ियों के वाहनों और पैदल यात्रियों की संख्या बढ़ने से विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का दबाव और बढ़ गया. जाम में फंसे वाहन चालकों और जल्द निकलने की कोशिश कर रहे लोगों के बीच कई जगह कहासुनी की स्थिति भी बनी.


पाया संख्या 101 के पास कुछ देर तक हो-हल्ला हुआ. इसी दौरान बाइक से गुजर रहे पुलिसकर्मियों को लोगों ने रोककर जाम हटवाने का आग्रह किया. पुलिस और स्थानीय लोगों की कोशिश के बाद कुछ हिस्सों में वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे शुरू हुई, लेकिन लंबे समय तक यातायात सामान्य नहीं हो सका.


बेली ब्रिज पार करने में भी लग रहा 25 से 30 मिनट

विक्रमशिला सेतु के समानांतर शुरू किए गए बेली ब्रिज पर वन-वे व्यवस्था लागू होने के बावजूद वाहनों को इसे पार करने में 25 से 30 मिनट तक का समय लग रहा था. वाहन चालक बालक कुमार ने बताया कि पहले विक्रमशिला सेतु को पार करने में करीब आधा घंटा लगता था, लेकिन अब कई बार चार से पांच घंटे तक का समय लग रहा है.


उन्होंने कहा कि लंबे जाम की वजह से समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है. रोजाना इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों की कमाई पर भी इसका असर पड़ रहा है.


ओवरटेक करने से बिगड़ी यातायात व्यवस्था

जाम के दौरान कई जगह वाहन चालक आगे निकलने के लिए लगातार ओवरटेक करते रहे. इससे सड़क पर उपलब्ध जगह कम होती गई और दोनों दिशाओं से आने वाले वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई. लोगों का कहना है कि यदि पुल पर ओवरटेक करने वाले वाहनों को समय रहते रोका जाता तो जाम की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती.


बेली ब्रिज शुरू होने के बाद वाहनों का दबाव बढ़ने की आशंका पहले से जताई जा रही थी. इसके बावजूद जाम के दौरान पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी नहीं दिखी. लोगों का आरोप है कि ओवरटेक करने वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई नहीं होने से स्थिति लगातार बिगड़ती गई.


ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने कहा कि वाहन चालकों को निर्धारित यातायात नियमों का पालन करना होगा. नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर जुर्माना लगाने का आदेश है. उन्होंने कहा कि कांवड़ियों और अन्य वाहनों का दबाव आने वाले दिनों में और बढ़ने की संभावना है. ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत होगी.