Bihar News: भागलपुर नगर निगम की 5.21 करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट परियोजना एक बार फिर चर्चा में है. शहर की सड़कों और मोहल्लों को रोशन करने के लिए नगर निगम ने चौथी बार ई-टेंडर जारी किया है. खास बात यह है कि तीसरे चरण की निविदा प्रक्रिया में एक एजेंसी का चयन हो चुका था, लेकिन उसे वर्क ऑर्डर जारी करने से पहले ही टेंडर रद्द कर दिया गया. इसके बाद नए सिरे से पूरी निविदा प्रक्रिया शुरू होने पर कई सवाल उठ रहे हैं.


नगर निगम के अनुसार, इस बार 5 करोड़ 21 लाख 65 हजार रुपये की लागत से शहर के सभी 51 वार्डों में स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य कराया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि इस बार काम को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने के लिए पूरे शहर को पांच जोन में विभाजित किया गया है, ताकि अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से कार्य तेजी से पूरा कराया जा सके.


जानकारी के मुताबिक, सशक्त स्थायी समिति की बैठक में सदस्यों ने यह सवाल उठाया कि जब पूर्व की निविदा प्रक्रिया में एजेंसी का चयन हो चुका था, तो उसे कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) क्यों नहीं दिया गया. समिति की ओर से जवाब मांगे जाने के बाद निगम प्रशासन ने पूर्व निविदा रद्द कर नई निविदा जारी कर दी. इस फैसले के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.


नगर निगम का कहना है कि इस परियोजना में 15वें एवं छठे वित्त आयोग से प्राप्त राशि का उपयोग किया जाएगा. योजना के तहत शहर के सभी 51 वार्डों में नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे अंधेरे वाले इलाकों में रोशनी की व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी.


नई निविदा के तहत शहर को पांच पैकेजों में बांटा गया है. पहले पैकेज में वार्ड 1 से 10 तक के लिए लगभग 84.90 लाख रुपये, दूसरे पैकेज में वार्ड 11 से 20 तक के लिए 80.62 लाख रुपये, तीसरे पैकेज में वार्ड 21 से 30 तक के लिए 1.14 करोड़ रुपये, चौथे पैकेज में वार्ड 31 से 39 तक के लिए 1.02 करोड़ रुपये तथा पांचवें पैकेज में वार्ड 40 से 51 तक के लिए 1.39 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.


नगर निगम द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इच्छुक एजेंसियां 16 जुलाई से 24 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी. तकनीकी बोली 24 जुलाई को खोली जाएगी, जबकि निविदा से संबंधित शंकाओं के समाधान के लिए 17 जुलाई को प्री-बिड बैठक आयोजित होगी.


निविदा की शर्तों के अनुसार, चयनित एजेंसियों को वर्क ऑर्डर मिलने के बाद 90 दिनों के भीतर संबंधित क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य पूरा करना होगा. टेंडर की वैधता 120 दिनों की होगी और आवेदन शुल्क 10 हजार रुपये निर्धारित किया गया है.


हालांकि, पहले से स्वीकृत टेंडर को रद्द कर चौथी बार नई निविदा जारी किए जाने को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हैं. विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पहले चयनित एजेंसी का वर्क ऑर्डर किन कारणों से रद्द किया गया. वहीं नगर निगम का दावा है कि नई व्यवस्था से कार्य अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूरा होगा तथा शहर के सभी वार्डों में जल्द बेहतर रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.