Bihar Road Construction: बिहार के भागलपुर स्थित लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन का काम अटक गया है। 3.70 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना प्रशासनिक सुस्ती और अंतर-विभागीय समन्वय की कमी के कारण अटक गई है। सड़क निर्माण का काम जमीनी स्तर पर रफ्तार नहीं पकड़ सका है। फिलहाल बिजली विभाग से जुड़ी प्रक्रिया और वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिलने को निर्माण में बड़ी बाधा माना जा रहा है।



इस परियोजना के तहत सड़क के दायरे में आने वाले बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए बिजली विभाग को करीब 30 लाख रुपये का सुपरविजन चार्ज जमा कराया जाना है। बताया जा रहा है कि निर्माण विभाग की ओर से अब तक यह राशि बिजली विभाग के खाते में जमा नहीं कराई गई है।



पैसा जमा नहीं होने के कारण बिजली विभाग ने खंभों और बिजली लाइनों को हटाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई है। ऐसे में यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम लंबित है, जिसका सीधा असर सड़क चौड़ीकरण की गति पर पड़ रहा है।बिजली विभाग की प्रक्रिया के साथ-साथ वन विभाग से NOC नहीं मिलना भी परियोजना के लिए एक बड़ी अड़चन बनी हुई है। सड़क निर्माण के दायरे में आने वाले पेड़ों और वन संपदा को हटाने के लिए वन विभाग की अनुमति जरूरी है।



बताया गया है कि संबंधित निर्माण एजेंसी को करीब पांच महीने पहले ही वर्क ऑर्डर जारी किया जा चुका है। एजेंसी ने अलीगंज छोर के समीप से निर्माण कार्य शुरू भी किया था, लेकिन जरूरी अनापत्तियों और फंड से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी नहीं होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका।



फिलहाल बिजली विभाग की यूटिलिटी शिफ्टिंग और वन विभाग की NOC से जुड़ी प्रक्रियाओं के लंबित रहने के कारण भागलपुर की यह महत्वाकांक्षी फोरलेन परियोजना अधर में लटकी नजर आ रही है। निर्माण कार्य को गति देने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और लंबित प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करना जरूरी होगा।