Bihar News: भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JLNMCH) में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र रूपेश सोनी की मौत को लेकर छात्रों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. शनिवार को न्याय की मांग कर रहे मेडिकल छात्रों ने अस्पताल की ओपीडी सेवा बंद करा दी. अचानक ओपीडी बंद होने से इलाज कराने पहुंचे सैकड़ों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा.
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह अस्पताल में रोज की तरह मरीजों का रजिस्ट्रेशन और इलाज की प्रक्रिया चल रही थी. ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी हुई थी. इसी दौरान करीब 11 बजे बड़ी संख्या में आक्रोशित मेडिकल छात्र अस्पताल परिसर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया. छात्रों ने पंजीयन काउंटर बंद करा दिए, जिसके बाद ओपीडी की पूरी व्यवस्था बाधित हो गई.
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को बाहर निकाला
अस्पताल के हेल्थ मैनेजर रोशन कुमार ने बताया कि आंदोलन कर रहे छात्र ओपीडी परिसर में पहुंचे और वहां मौजूद डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया. इसके बाद मरीजों का इलाज, जांच लिखने और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गईं.
ओपीडी बंद होने से दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी हुई. कई लोग घंटों तक पर्चा काउंटर खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन सेवा शुरू नहीं होने पर उन्हें बिना इलाज कराए ही लौटना पड़ा.
अस्पताल में बढ़ते हंगामे और कामकाज ठप होने के बाद मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप लाल ने मामले को लेकर सख्त रुख अपनाया. उन्होंने बताया कि विवाद का समाधान निकालने के लिए सभी आंदोलनकारी और सीनियर-जूनियर छात्रों को दोपहर एक बजे आपातकालीन बैठक के लिए बुलाया गया है.
प्राचार्य ने साफ कहा कि बैठक में आपसी सहमति से मामला नहीं सुलझा और ओपीडी सेवाएं बाधित होती रहीं, तो प्रशासन छात्रों को हॉस्टल खाली करने का आदेश जारी कर सकता है.
मुआवजे और गिरफ्तारी की मांग पर अड़े छात्र
दूसरी ओर, आंदोलन कर रहे छात्र रूपेश सोनी की मौत को लेकर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. छात्रों का आरोप है कि रूपेश की मौत महज एक हादसा नहीं है, बल्कि इसमें कुछ लोगों की लापरवाही और अमानवीय व्यवहार की भूमिका है.
छात्र मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा देने और घटना के लिए जिम्मेदार छात्राओं की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
मामले को लेकर अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है. इसे देखते हुए पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात हैं और छात्रों को शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं.