भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया में एक पुलिस अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। नवगछिया पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में शनिवार की सुबह इंस्पेक्टर युगेश कुमार का शव फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर नवगछिया के पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा समेत कई वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फिलहाल युगेश कुमार की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
इस घटना ने इसलिए भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि युगेश कुमार को हाल ही में विभागीय पदोन्नति के तहत जमादार से इंस्पेक्टर बनाया गया था। कुछ समय पहले ही उन्हें पदोन्नति मिलने पर सम्मानित किया गया था। इसके बाद अचानक उनकी मौत की खबर सामने आने से पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के बीच शोक का माहौल है। हालांकि, उनकी मौत को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब छह बजे एक सहकर्मी पुलिस पदाधिकारी युगेश कुमार के सरकारी आवास पर पहुंचे थे। इसी दौरान कमरे के अंदर उनका शव फंदे से लटका दिखाई दिया। यह दृश्य देखकर सहकर्मी ने तुरंत पुलिस लाइन और वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई और अधिकारी मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद घटनास्थल की जांच शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कमरे को सुरक्षित कर दिया, ताकि जांच के दौरान किसी भी तरह से साक्ष्यों को नुकसान न पहुंचे। घटनास्थल की वैज्ञानिक तरीके से जांच करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब इन साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों को समझने की कोशिश कर रही है।
युगेश कुमार मूल रूप से बांका जिले के बौंसी प्रखंड के अंतर्गत बाराहाट के रहने वाले थे। वह नवगछिया एसपी कार्यालय की अपराध शाखा में कार्यरत थे। पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में वह अकेले रहते थे। शनिवार की सुबह उनके कमरे से शव बरामद होने की सूचना मिलने के बाद उनके सहकर्मियों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस विभाग में युगेश कुमार की पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में थी, जिन्हें हाल ही में विभागीय पदोन्नति मिली थी। उन्हें जमादार के पद से प्रोन्नत कर इंस्पेक्टर बनाया गया था। पदोन्नति के बाद नवगछिया के पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा ने एक कार्यक्रम के दौरान उनके कंधे पर बैच लगाकर उन्हें सम्मानित भी किया था। इस उपलब्धि के कुछ ही समय बाद उनकी मौत की खबर सामने आने से सहकर्मी भी स्तब्ध हैं।
हालांकि, पदोन्नति और सम्मान से जुड़ी जानकारी के आधार पर उनकी मौत के कारणों के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। पुलिस फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच पूरी होने और आवश्यक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलने के बाद नवगछिया के एसपी वैभव शर्मा, एसडीपीओ सईम रजा और मुख्यालय डीएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने सरकारी क्वार्टर का निरीक्षण किया और मामले से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी ली। इसके साथ ही घटनास्थल को सुरक्षित रखने और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
पुलिस ने कमरे को सील कर दिया, ताकि जांच पूरी होने तक वहां मौजूद साक्ष्यों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न हो। एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल की जांच कराई गई है। अब पुलिस को वैज्ञानिक जांच और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं से मिलने वाले तथ्यों का इंतजार है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युगेश कुमार की मौत के पीछे क्या वजह थी। पुलिस ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और उपलब्ध जानकारियों की पड़ताल की जा रही है।
युगेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। सरकारी क्वार्टर में उनका शव किन परिस्थितियों में मिला और घटना से पहले क्या हुआ था, इन बिंदुओं पर जांच के जरिए स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल किसी तरह की आशंका को पुष्टि के रूप में नहीं देखा जा सकता है।मामले पर पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में पुलिस की ओर से घटना के कारणों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ सकी है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। एफएसएल की जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। हाल ही में पदोन्नति पाने वाले पुलिस अधिकारी की अचानक मौत से नवगछिया पुलिस महकमे में शोक का माहौल है।