Bihar Flood: बिहार के भागलपुर जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। सोमवार को सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.78 मीटर पर पहुंच गया, जो अब तक के 36.75 मीटर के उच्चतम रिकॉर्ड से तीन सेंटीमीटर अधिक है। जलस्तर बढ़ने के कारण कई इलाकों में आवागमन और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ है।
भवनाथपुर में एनएच-80 पर पानी की गहराई करीब ढाई फीट तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने भागलपुर-सुल्तानगंज के बीच सड़क परिचालन पर रोक लगा दी है। इस मार्ग पर पैदल चलने और किसी भी प्रकार के वाहन के आवागमन की अनुमति नहीं है। सड़क पर बैरियर लगा दिया गया है।
एनएच-80 पर भवनाथपुर के अलावा कुछ अन्य स्थानों पर भी बाढ़ का पानी चढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को विकल्प के तौर पर निर्माणाधीन फोरलेन का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। हालांकि, सोमवार शाम फोरलेन के कुछ हिस्सों पर भी पानी पहुंच गया। फिलहाल इस मार्ग से वाहनों की आवाजाही जारी है।
यदि फोरलेन पर भी आवागमन बंद करने की स्थिति बनती है, तो भागलपुर का सड़क संपर्क मुंगेर के साथ-साथ पटना से भी प्रभावित हो सकता है। हालांकि, पटना जाने के लिए नवगछिया के रास्ते का इस्तेमाल किया जा सकता है।
बाढ़ का असर सरकारी कार्यालयों तक भी पहुंच गया है। इस्माईलपुर प्रखंड कार्यालय में पानी घुसने के बाद इसे नवगछिया स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। वहीं, बिहपुर में जीएन तटबंध के नवटोलिया के पास पुराने स्लुईस गेट से गंगा का पानी रिसने की सूचना मिली है। प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पिछले 24 घंटे में भागलपुर में गंगा के जलस्तर में 16 सेंटीमीटर और कहलगांव में 18 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डीएम अलंकृता पांडेय ने बताया कि अपस्ट्रीम में वाराणसी और बक्सर में पानी काफी घट गया है। ऐसे में अगले 36 से 48 घंटे में भागलपुर में भी गंगा का जलस्तर कम होने के आसार हैं। हालांकि, मंगलवार तक जलस्तर में वृद्धि का अनुमान है।
गंगा का बढ़ता जलस्तर रेल परिचालन के लिए भी चिंता का कारण बन गया है। साहिबगंज-भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ का पानी रेल पुलों के गर्डर के करीब पहुंच गया है। हालांकि, फिलहाल कॉशन के साथ ट्रेनों का परिचालन जारी है।
सुल्तानगंज-जमालपुर के बीच बरियारपुर में लोहा पुल के पास स्थिति ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है। यहां पानी लगातार पुल के गर्डर के करीब पहुंच रहा है। संबंधित सेक्शन के पीडब्ल्यूआई इंजीनियर के अनुसार पानी बढ़ने की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन जलस्तर में वृद्धि अभी जारी है।