Krishna Bhushan Kumar: भागलपुर जिले के अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज) नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्णा भूषण कुमार BPSC 59वें बैच के अधिकारी थे। मूल रूप से मधुबनी शहर के निवासी कृष्णा भूषण अपनी कार्यशैली और ईमानदारी के कारण प्रशासनिक महकमे में एक मजबूत पहचान बना चुके थे। करीब तीन वर्ष पहले उनकी शादी मोतिहारी में हुई थी और उनका पारिवारिक जीवन सामान्य रूप से चल रहा था। उनकी छह माह की एक छोटी बेटी भी है।


घटना के समय उनकी पत्नी अपनी बेटी के साथ मोतिहारी में थीं। पत्नी उत्तर प्रदेश में एडीएम पद पर कार्यरत हैं। घटना की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कृष्णा भूषण कुमार ने 30 जुलाई 2025 को सुल्तानगंज नगर परिषद में कार्यभार संभाला था और अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण सुधार किए थे।


इसी वर्ष फरवरी में सुल्तानगंज नगर परिषद को “बेस्ट अकाउंट्स प्रैक्टिस अवार्ड” में देशभर में पहला स्थान मिला था, जिसके लिए उन्हें दिल्ली में सम्मानित भी किया गया था। उनके सहयोगियों के अनुसार वे एक कर्मठ, अनुशासित और ईमानदार अधिकारी थे, जिन्होंने नगर परिषद की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई।


घटना के बाद उनके परिवार में गहरा शोक फैल गया है। घर में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी मां, पत्नी और बच्चे लगातार सदमे में हैं। घर के कर्मचारी भी डर के कारण वहां से चले गए हैं। पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और अजगैवीनाथ धाम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।


सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में मंगलवार को नकाबपोश अपराधियों ने घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस हमले में कृष्णा भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें पटना रेफर किया गया।


घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। इसके बाद मुख्य आरोपी रामधनी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया। सरकारी अधिकारी की हत्या पर दुख जताते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्ठी की घोषणा की है। इसके साथ ही परिवार को 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का एलान किया है।