BHAGALPUR: भागलपुर के नाथनगर थाना क्षेत्र में श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान बिजली मिस्त्री प्रमोद कुमार तांती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। करंट लगने का दावा किया जा रहा है, जबकि टेंट मालिक द्वारा पुलिस को सूचना दिए बिना शव घर भेजे जाने से मामले पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल घटना को लेकर कई पहलुओं पर चर्चा हो रही है।
भागलपुर जिले के नाथनगर प्रखंड अंतर्गत रत्तिपुर बैरिया पंचायत के बैरिया गांव में एक श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान करंट लगने से बिजली मिस्त्री की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान राघोपुर पंचायत के मोहद्दीपुर निवासी प्रमोद कुमार तांती के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, वहीं मौत की परिस्थितियों को लेकर मामला पूरी तरह संदिग्ध बना हुआ है।
सुबह काम पर निकले, शाम को टोटो से आई लाश
मृतक के पुत्र ने बताया कि उनके पिता बुधवार की सुबह करीब 6 बजे मथुरापुर निवासी मुकेश टेंट हाउस में बिजली का काम करने के लिए घर से निकले थे। लेकिन शाम को अचानक एक टोटो चालक उनके पिता का शव लेकर घर पहुंचा। टोटो चालक ने परिजनों को सिर्फ इतनी जानकारी दी कि बिजली का काम करने (पंखा जोड़ने) के दौरान करंट लगने से उनकी मौत हो गई है।
टेंट मालिक की भूमिका पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, यह घटना बुधवार शाम करीब 5 बजे बैरिया गांव में घटी। आरोप है कि घटना के बाद टेंट मालिक ने मृतक के परिजनों को सूचित किए बिना, आनन-फानन में उन्हें एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद, टेंट मालिक ने कानूनी प्रक्रिया या पुलिस को सूचना दिए बगैर ही एक टोटो किराए पर कर शव को चुपचाप घर भिजवा दिया। टेंट मालिक की इस जल्दबाजी और गोपनीयता ने मामले को गहरा दिया है।
ग्रामीणों और परिजनों में असमंजस
फिलहाल इस मामले में ग्रामीण और परिजन खुलकर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। टेंट मालिक के इस रवैए के कारण ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज है कि यह महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश (हत्या) है। मामले की संदिग्धावस्था के बीच, परिजन बिना किसी पुलिस शिकायत के शव के दाह-संस्कार की तैयारी में जुट गए हैं।