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09-Mar-2026 10:08 AM
By First Bihar
Bihar News : बिहार के भागलपुर जिले के बिहपुर प्रखंड अंतर्गत हरियो पंचायत के महेशपुर गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। कोसी नदी में नहाने गए पांच दोस्तों में से तीन किशोरों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृत किशोरों की पहचान महेशपुर गांव के वार्ड नंबर 13 निवासी कैप्टन यादव के पुत्र लक्ष्मण कुमार (13 वर्ष), पिंटू यादव के पुत्र युवराज कुमार (14 वर्ष) उर्फ प्रीतम और शंकर शर्मा के पुत्र नयन कुमार (12 वर्ष) के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि रविवार की दोपहर गांव के पांच दोस्त कोसी नदी में नहाने के लिए गए थे। नहाने के दौरान अचानक वे नदी के गहरे हिस्से में चले गए, जिससे तीन किशोर डूबने लगे। वहीं उनके साथ गए दो अन्य दोस्त किसी तरह अपनी जान बचाकर नदी से बाहर निकल आए।
दोनों किशोर घबराकर गांव की ओर भागे और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंच गए। ग्रामीणों ने तत्काल नदी थाना को इस घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष केशव चंद्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने एनडीआरएफ की टीम को भी सूचना दी।
ग्रामीणों का कहना है कि नवगछिया क्षेत्र में एनडीआरएफ की स्थायी टीम नहीं रहने के कारण राहत और बचाव कार्य में अक्सर देरी हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना में भी एनडीआरएफ की टीम करीब पांच घंटे बाद मौके पर पहुंच सकी। इस दौरान ग्रामीणों ने अपने स्तर पर भी किशोरों की तलाश करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
मौके पर मौजूद जिला पार्षद प्रतिनिधि चंदन भारद्वाज, हरियो पंचायत के सरपंच राजकिशोर राजपाल और पूर्व मुखिया पवन कुमार साह ने बताया कि यदि नवगछिया में एनडीआरएफ की स्थायी टीम होती तो बचाव कार्य काफी पहले शुरू हो सकता था। उन्होंने कहा कि जिले से टीम आने में काफी समय लग जाता है, जिससे कई बार शव को ढूंढ़ने में भी मुश्किल होती है।
हरियो पंचायत के सरपंच राजकिशोर राजपाल ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने बिहपुर अंचलाधिकारी को कई बार फोन किया, लेकिन उनका कॉल रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद नवगछिया के एसडीओ रोहित कर्दम को घटना की जानकारी दी गई। एसडीओ के हस्तक्षेप के बाद एनडीआरएफ की टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया।
एनडीआरएफ की टीम के पहुंचने के बाद नदी में तलाशी अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने तीनों किशोरों के शव को नदी से बरामद कर लिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे महेशपुर गांव में मातम का माहौल है। मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं। बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। इस हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।