BIHAR NEWS : भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र में थाना के एक चालक पर रंगदारी मांगने और महिला से दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर सामने आए मामले के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। फर्स्ट-बिहार झारखंड में खबर प्रसारित होने के बाद जिला पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।


दरअसल, हाल ही में बबरगंज थाना क्षेत्र के अलीगंज अंबाबाग पासी टोला में कुछ स्थानीय लोगों ने थाना चालक पर गंभीर आरोप लगाए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि चालक द्वारा कथित रूप से रंगदारी मांगी गई और विरोध करने पर लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। वहीं एक महिला ने भी चालक पर दुर्व्यवहार और छेड़खानी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।


मामले को लेकर फर्स्ट बिहार झारखंड द्वारा खबर प्रसारित किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया। इसी क्रम में भागलपुर जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से प्रेस विज्ञप्ति संख्या-1770 जारी कर स्थिति स्पष्ट की गई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-1) राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस को प्राप्त सूचना के आधार पर संबंधित क्षेत्र में छापेमारी एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस दल भेजा गया था। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो कुछ स्थानीय लोगों द्वारा विरोध-प्रदर्शन किया गया। इसी दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।


पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया है कि समाचारों में एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों का उल्लेख किया गया है। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान सभी पक्षों के बयान लिए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की जाएगी।


एसडीपीओ नगर-1 राकेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों की गहन जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।


इस मामले में प्रशासन की सक्रियता को "खबर का असर" माना जा रहा है। मीडिया में मामला प्रमुखता से सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने सार्वजनिक रूप से जांच की पुष्टि की है और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। इससे स्थानीय लोगों में भी उम्मीद जगी है कि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें। प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही सभी सूचनाएं सत्यापित नहीं होती हैं, इसलिए लोगों को केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अब सभी की नजर पुलिस जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।