Bihar Thermal Power Project: अडानी पावर लिमिटेड की 3×800 मेगावाट यानी 2400 मेगावाट क्षमता वाली ताप विद्युत परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज की जा रही है। परियोजना के लिए रेलवे कॉरिडोर-सह-सड़क निर्माण के लिए अर्जित की जाने वाली भूमि की किस्म और दर निर्धारण को लेकर गुरुवार को अधिकारियों की टीम ने विभिन्न मौजों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जमीन की वास्तविक स्थिति और उसकी किस्म का जायजा लिया। साथ ही, भूमि की किस्म के आधार पर निर्धारित दर को लेकर आवश्यक जांच-पड़ताल की गई। संबंधित अधिकारियों ने स्थल की स्थिति का आकलन कर भूमि से जुड़े जरूरी तथ्यों को भी संकलित किया।
निरीक्षण दल में अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के मुख्य परियोजना अभियंता (परियोजना एवं निर्माण) और कहलगांव के अवर निबंधक शामिल रहे।
अधिकारियों ने सिकंदरपुर, इमाम नगर, बसंतपुर, चौधरी बसंतपुर, ककरघट, हरिणकोल और महेशराम मौजा का दौरा कर भूमि का निरीक्षण किया। अधिकारियों के मुताबिक, भूमि की किस्म और दर से जुड़े तथ्यों की जांच पूरी होने के बाद परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की आगे की कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद है।
अधिकारियों की टीम ने गोड्डा-पीरपैंती नई बीजी रेल लाइन निर्माण परियोजना के तहत प्रस्तावित तीन रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का भी स्थलीय निरीक्षण किया। इनमें प्यालापुर स्थित आरओबी संख्या 163, रिफातपुर स्थित आरओबी संख्या 165 और प्रसन्ना स्थित आरओबी संख्या 169 शामिल हैं।
इन स्थलों पर भी भूमि की किस्म निर्धारित करने के उद्देश्य से निरीक्षण किया गया। इस दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता, कहलगांव और अधियाची विभाग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संबंधित स्थलों की स्थिति का जायजा लिया और भूमि अधिग्रहण तथा प्रस्तावित निर्माण कार्य से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी जुटाई। परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि की स्थिति स्पष्ट होने के बाद आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया को बढ़ाया जाएगा।