BEGUSARAI: वर्दी की आड़ में रिश्वतखोरी का खेल खेलना एक पुलिस अधिकारी को भारी पड़ गया। बेगूसराय में निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साहेबपुर कमाल थाने में पदस्थापित एएसआइ चंदन झा को 29 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। पटना से पहुंची निगरानी टीम ने प्रखंड मुख्यालय के समीप जाल बिछाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।


30 हजार की मांग, 29 हजार में फाइनल हुआ सौदा

निगरानी विभाग पटना के डीएसपी गौतम शरण ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र निवासी परिवादी अमित कुमार ने निगरानी थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक मामले में उनका नाम हटाने के एवज में एएसआइ चंदन झा रिश्वत की मांग कर रहे हैं।


शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पहले आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद निगरानी थाना कांड संख्या 127/26 दर्ज किया गया। इसके बाद सोमवार को टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। जैसे ही एएसआइ चंदन झा ने 29 हजार रुपये रिश्वत की रकम ली, निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।


डीएसपी गौतम शरण ने बताया कि 30 हजार रुपये की मांग की गई थी, लेकिन बातचीत के बाद 29 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। गिरफ्तार एएसआइ के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद की गई है।


शराब तस्करी में जब्त चारपहिया वाहन से जुड़ा है मामला


निगरानी डीएसपी के मुताबिक, पूरा मामला एक चारपहिया वाहन से जुड़ा है। एएसआइ चंदन झा का कहना था कि उन्होंने संबंधित वाहन पहले ही बेच दिया था, लेकिन बाद में वही वाहन शराब तस्करी के एक मामले में जब्त कर लिया गया। इसी मामले में अपना नाम हटाने के एवज में कथित तौर पर रिश्वत की मांग की जा रही थी।


परिसदन लाए गए आरोपी ASI, पटना ले जाने की तैयारी


गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी एएसआइ को बेगूसराय परिसदन लेकर पहुंची। यहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए पटना ले जाने की तैयारी की जा रही है।


इस कार्रवाई ने पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाने में तैनात पुलिस अधिकारी का रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा जाना जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि रिश्वतखोरी के आरोपों पर अब सीधे शिकंजा कसा जा रहा है।