BEGUSARAI: बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव में टॉप-10 अपराधी सोनू सिंह और मोनू सिंह की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़ा कथित वायरल वीडियो अब पुलिस महकमे के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। आरोपी की कमर में पुलिसकर्मी द्वारा पिस्तौल रखने का दावा करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) शैलेश कुमार सिन्हा स्वयं बरियारपुर गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। डीआईजी ने गिरफ्तारी की परिस्थितियों, वायरल वीडियो और पुलिस कार्रवाई से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी जानकारी हासिल की।


बताया जा रहा है कि डीआईजी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


गौरतलब है कि शनिवार को बलिया थाना पुलिस ने टॉप-10 अपराधी सोनू सिंह और मोनू सिंह को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने भी आपत्ति जताई, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।


इससे पहले बलिया के डीएसपी सुबोध कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस का पक्ष रख चुके हैं। उन्होंने वायरल वीडियो को भ्रामक बताते हुए कहा था कि छापेमारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर हथियार तान दिए थे, जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि किसी को फंसाने का सवाल ही नहीं उठता और बरामद हथियार आरोपियों से ही छीने गए थे।


फिलहाल डीआईजी के निरीक्षण के बाद पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद पुलिस मुख्यालय की ओर से क्या निष्कर्ष सामने आता है और वायरल वीडियो को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।