Bihar Crime News: बेगूसराय पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 927 ग्राम स्मैक के साथ 6 अंतरजिला तस्करों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मनीष के निर्देश पर मटिहानी थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई (DIU) की संयुक्त टीम ने की. पुलिस ने आरोपियों के पास से एक स्वीफ्ट कार, पांच मोबाइल फोन और 1300 रुपये नकद भी बरामद किए हैं. शुरुआती जांच में इस गिरोह के तार बेगूसराय के साथ-साथ समस्तीपुर जिले तक जुड़े होने की बात सामने आई है.


पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 5 जुलाई की रात जिला आसूचना इकाई को गुप्त सूचना मिली थी कि एक स्वीफ्ट कार से भारी मात्रा में स्मैक लेकर कुछ तस्कर सिहमा ढाला की ओर आने वाले हैं. सूचना मिलते ही मटिहानी थाना पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी और सिहमा ढाला के पास वाहन जांच अभियान शुरू कर दिया. कुछ ही देर बाद डीआईयू की टीम भी मौके पर पहुंच गई.


जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध स्वीफ्ट कार को रोककर उसकी तलाशी ली. तलाशी के दौरान कार से 927 ग्राम स्मैक बरामद हुई. इसके बाद कार में सवार पांच लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कन्हैया कुमार, शिवम कुमार, सुदर्शन कुमार, प्रशांत कुमार और कुंदन पासवान के रूप में हुई है. पुलिस ने इनके पास से पांच मोबाइल फोन और 1300 रुपये नकद भी जब्त किए.


पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बरामद स्मैक की खेप छितनौर निवासी छोटू कुमार को पहुंचाई जानी थी. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने तुरंत छापेमारी कर छोटू कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर छह हो गई.


गिरफ्तार आरोपियों में मटिहानी थाना क्षेत्र के वार्ड-7 निवासी कन्हैया कुमार, शिवम कुमार और सुदर्शन कुमार, सिहमा उत्तरवारी टोला निवासी प्रशांत कुमार, छितनौर निवासी छोटू कुमार तथा समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के नरहन गांव निवासी कुंदन पासवान शामिल हैं. पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ कर नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है.


पुलिस ने जब्त किए गए पांचों मोबाइल फोन को तकनीकी जांच के लिए भेज दिया है. अधिकारियों का मानना है कि इससे इस गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों और सप्लाई चेन की जानकारी मिल सकती है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि स्मैक की यह खेप कहां से लाई गई थी और किन इलाकों में इसकी सप्लाई की जानी थी.


पूरे मामले की जांच सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आनंद कुमार पांडेय के नेतृत्व में की जा रही है. पुलिस गिरफ्तार सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है.