BEGUSARAI: बेगूसराय में 12 साल पुराने बहुचर्चित मारपीट मामले में सोमवार को बड़ा न्यायिक फैसला सामने आया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ऋषिकांत की अदालत ने जिले के चर्चित शहादत टेलर परिवार से जुड़े पांच लोगों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। फैसले के बाद पूरे इलाके में मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
यह फैसला सेशन केस संख्या 583/19 (719/19) एवं मुफस्सिल थाना कांड संख्या 411/2014 में सुनाया गया। अदालत ने मोहम्मद महफूज अंसारी, मोहम्मद हुमायूं, अफसर इमाम, मसनून और मोहम्मद वकील को भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 341 और 147 के तहत दोषी पाया।
कोर्ट ने सभी दोषियों पर तीन-तीन हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। साथ ही एक वर्ष तक शांति एवं सदाचार बनाए रखने के लिए प्रोबेशन बॉन्ड भरने का निर्देश दिया गया है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि वसूली गई जुर्माने की राशि घायल पक्षों को क्षतिपूर्ति के तौर पर बराबर-बराबर बांटी जाएगी।
चाय दुकान पर हुआ था हमला
घटना 12 नवंबर 2014 की बताई जाती है। प्राथमिकी के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लडवारा चौक स्थित एक चाय दुकान पर सुबह करीब 10 बजे सूचक मोहम्मद सैफुल्लाह चाय पी रहे थे। तभी लाठी-डंडों से लैस आरोपी वहां पहुंचे और अचानक हमला बोल दिया।
आरोप है कि सभी ने मिलकर मोहम्मद सैफुल्लाह की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हंगामा और चीख-पुकार सुनकर जब चाय दुकानदार मोहम्मद नौशाद बीच-बचाव करने पहुंचे तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। उनके सिर पर हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया।
आठ गवाहों की गवाही बनी फैसले का आधार
मामले में मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लंबी न्यायिक प्रक्रिया चली। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक संतोष कुमार ने अदालत में मजबूत पैरवी की। ट्रायल के दौरान कुल आठ गवाहों की गवाही कराई गई। इनमें सूचक मोहम्मद सैफुल्लाह, चिकित्सक डॉ. रामजतन सिंह, मोहम्मद अफसर, मोहम्मद रफीक, मोहम्मद मोज्जम, मोहम्मद नौशाद, मोहम्मद मल्टू और अनुसंधानकर्ता रमेश कुमार शामिल रहे। सभी गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। करीब 12 वर्षों तक चले इस चर्चित मामले में फैसला आने के बाद पीड़ित पक्ष ने न्यायालय के निर्णय पर संतोष जताया है, जबकि इलाके में यह मामला फिर से चर्चा का केंद्र बन गया है।