BIHAR NEWS : बिहार के बेगूसराय जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला बछवाड़ा थाना क्षेत्र के राजकीयकृत मध्य विद्यालय, जहानपुर का है, जहां स्कूल परिसर में हुई भारी लापरवाही के कारण 8वीं कक्षा के एक छात्र की दर्दनाक मौत हो गई।
मृतक छात्र की पहचान जहानपुर निवासी फूलो यादव के पुत्र मुन्ना कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मुन्ना रोज की तरह बुधवार सुबह करीब 8 बजे स्कूल पढ़ाई के लिए गया था। लेकिन उसे क्या पता था कि यह दिन उसकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित होगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही मुन्ना क्लासरूम में दाखिल हुआ, उसी समय वहां पहले से रखी भारी लोहे की ग्रिल अचानक उसके ऊपर गिर गई। बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में लाइब्रेरी भवन का निर्माण कार्य चल रहा था और निर्माण सामग्री को सुरक्षित स्थान पर रखने के बजाय क्लासरूम के अंदर ही रखा गया था।
इसी लापरवाही का खामियाजा मासूम छात्र को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। एक-एक कर करीब 6 लोहे की भारी ग्रिल मुन्ना के ऊपर गिर गईं, जिनका कुल वजन लगभग 3 क्विंटल बताया जा रहा है। अचानक हुए इस हादसे में उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा।
घटना के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में घायल छात्र को बछवाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के इस बयान के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जैसे ही मुन्ना की मौत की खबर गांव पहुंची, बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन स्कूल परिसर में जमा हो गए। आक्रोशित लोगों ने स्कूल प्रशासन और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
गुस्साए लोगों ने स्कूल के हेडमास्टर अमित कुमार और एक निर्माण कर्मी को बंधक बना लिया और उनसे जवाबदेही की मांग करने लगे। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि ग्रामीणों ने बछवाड़ा-समसा मुख्य सड़क को जाम कर दिया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान कुछ लोगों द्वारा हेडमास्टर के साथ मारपीट किए जाने की भी सूचना सामने आई है। हालात बेकाबू होते देख बछवाड़ा, मंसूरचक और भगवानपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ से हेडमास्टर को सुरक्षित निकाला गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तेघड़ा के एसडीओ राकेश कुमार और डीएसपी कृष्ण कुमार भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन और ठेकेदार की मिलीभगत से निर्माण सामग्री को लापरवाहीपूर्वक क्लासरूम में रखा गया, जिससे यह हादसा हुआ। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पहले भी स्कूल की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मासूम छात्र की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और लोग लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि इस मामले में जिम्मेदार हेडमास्टर, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त नियम लागू किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मामले की जांच की बात कही जा रही है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मुन्ना कुमार की मौत को सिर्फ एक हादसा मानकर छोड़ दिया जाएगा, या फिर जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।