BEGUSARAI: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकारी जमीन पर झुग्गी-झोपड़ियों की आड़ में धड़ल्ले से चल रहे देसी शराब के अवैध कारोबार ने पुलिस को भी चुनौती दे रखी थी। इसी बीच दीपावली से पहले बेगूसराय पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके ठिकानों पर एक साथ धावा बोल दिया। नगर थाना क्षेत्र के लोहियानगर रेलवे गुमटी के पास पुलिस की इस संयुक्त छापेमारी में एक हजार लीटर से अधिक देसी शराब, भारी मात्रा में जावा और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को नष्ट किया गया।


दरअसल, लोहियानगर रेलवे गुमटी के समीप सरकारी जमीन पर बनी झुग्गी-झोपड़ियों में अवैध रूप से देसी शराब बनाने और कारोबार किए जाने की गुप्त सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी मनीष के निर्देश पर विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। नगर थानाध्यक्ष सतीश कुमार हिमांशु सहित अन्य थानाध्यक्षों के नेतृत्व में पांच थानों की पुलिस टीम ने संबंधित इलाके की घेराबंदी कर सघन छापेमारी की। अचानक बड़ी संख्या में पुलिस बल के पहुंचने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई।


इस संयुक्त अभियान में नगर थाना, लोहियानगर थाना, रतनपुर थाना, सिंघौल थाना और रेलवे पुलिस की टीम शामिल रही। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में महिला पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी। पुलिस ने अवैध शराब निर्माण के ठिकानों को निशाना बनाते हुए वहां रखी एक हजार लीटर से अधिक देसी शराब, जावा और शराब बनाने के उपकरणों को नष्ट कर दिया।


दीपावली को लेकर पुलिस का विशेष अभियान

दीपावली और आगामी त्योहारों को देखते हुए जिला पुलिस की ओर से अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में लोहियानगर रेलवे गुमटी के समीप की गई इस बड़ी कार्रवाई को शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।


मीडिया कर्मियों से बातचीत में नगर थानाध्यक्ष सतीश कुमार हिमांशु ने बताया कि दीपावली को लेकर बिहार में लागू शराबबंदी कानून का सख्ती से पालन कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।


कार्रवाई के बाद भी कई सवाल बरकरार

पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप जरूर मचा है, लेकिन सरकारी जमीन पर लंबे समय से झुग्गी-झोपड़ियों की आड़ में कथित रूप से चल रहे इस अवैध कारोबार पर स्थायी रोक लगाना भी बड़ी चुनौती है। आखिर किन लोगों के संरक्षण में यहां शराब का अवैध कारोबार फल-फूल रहा था? क्या इस कारोबार के पीछे सक्रिय बड़े शराब माफियाओं तक पुलिस पहुंच पाएगी या फिर कुछ दिनों बाद दोबारा वही स्थिति कायम हो जाएगी?


फिलहाल, एसपी मनीष के निर्देश पर पांच थानों की पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने अवैध शराब कारोबारियों को कड़ा संदेश दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस इस अभियान को कितनी निरंतरता के साथ आगे बढ़ाती है और शराब के अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने में कितनी सफल होती है।