Bihar Police : बेगूसराय में नवरात्रि के अवसर पर आयोजित जागरण कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पानगाछी चौक स्थित वैष्णवी दुर्गा स्थान के पूजा पंडाल में आयोजित कार्यक्रम से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महिला डांसर ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम बंद कराने पहुंचे दरोगा ने मंच पर आकर उन्हें थप्पड़ मार दिया। वहीं, विरोध करने पर दरोगा द्वारा भीड़ पर सरकारी पिस्टल तानने का आरोप भी लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक मनीष ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
बेगूसराय पुलिस की ओर से 21 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर जागरण कार्यक्रम के मंच से संबंधित वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस अधीक्षक ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-01 प्रशांत कुमार को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत और निष्पक्ष जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
दरोगा के मंच पर पहुंचते ही शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, 19 और 20 अक्टूबर की दरमियानी रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पानगाछी स्थित वैष्णवी दुर्गा स्थान में जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान डांस प्रस्तुति चल रही थी। इसी बीच देर रात करीब तीन बजे कार्यक्रम बंद कराने के लिए दरोगा वहां पहुंचे।
महिला कलाकार का आरोप है कि पुलिस पदाधिकारी के कहने पर उन्होंने डांस बंद कर दिया था। इसके बाद जब वह जाने की तैयारी कर रही थीं, तभी दरोगा ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। कलाकार ने यह भी आरोप लगाया कि उनके आयोजक के साथ पहले बदसलूकी की गई और फिर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
महिला कलाकार के मुताबिक, जब उन्होंने पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर कार्यक्रम रोक दिया था, तो उनके साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि कार्यक्रम बंद कराने के लिए पुलिस उचित तरीके से निर्देश दे सकती थी।
महिला डांसर की दो टूक- सबके सामने मांगें माफी
घटना के बाद महिला कलाकार ने नाराजगी जताते हुए दरोगा से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कार्यक्रम बंद कराना था, तो उन्हें या आयोजकों को समझाकर भी ऐसा किया जा सकता था।कलाकार ने आरोप लगाया कि उनके आयोजक के साथ दुर्व्यवहार करने के बाद उन्हें थप्पड़ मारा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्होंने ऐसा कौन-सा अपराध किया था, जिसके लिए उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया गया।महिला कलाकार ने कहा कि जिस तरह लोगों के सामने उन्हें थप्पड़ मारा गया, उसी तरह दरोगा को सार्वजनिक रूप से उनसे और उनके आयोजक से माफी मांगनी चाहिए।
विरोध करने पर भीड़ ने घेरा, पिस्टल तानने का आरोप
महिला कलाकार के साथ कथित मारपीट की खबर से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दर्शक और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। आरोप है कि दरोगा के मंच से नीचे उतरते ही लोगों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि यदि कार्यक्रम बंद कराना जरूरी था, तो आयोजकों से बातचीत कर या लाउडस्पीकर बंद करवाकर भी कार्रवाई की जा सकती थी। महिला कलाकार के साथ कथित मारपीट से लोगों में नाराजगी फैल गई।
इसी दौरान दरोगा पर अपनी कमर में लगी सरकारी पिस्टल निकालकर भीड़ की ओर तानने का आरोप लगा। दावा है कि हथियार निकालते ही वहां मौजूद लोग पीछे हटने लगे। इसके बाद गाली-गलौज और धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई है।हालांकि, वायरल वीडियो से जुड़े सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, यह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में क्या कहा गया?
बेगूसराय पुलिस कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, जागरण कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अशोभनीय डांस किए जाने और उससे उत्पन्न अव्यवस्था को नियंत्रित करने के उद्देश्य से वहां प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी मंच पर पहुंचे थे।
विज्ञप्ति में मंच पर पहुंचकर डांस कर रही लड़कियों को हटाने तथा आयोजकों के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति का उल्लेख किया गया है। पुलिस अधीक्षक मनीष ने मामले का संज्ञान लेते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-01 प्रशांत कुमार को पूरे प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जांच करने का निर्देश दिया है। पुलिस के मुताबिक, जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
जांच में सामने आएंगे अहम सवालों के जवाब
पानगाछी जागरण विवाद में अब पुलिस जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं। क्या महिला कलाकार को थप्पड़ मारा गया? क्या विरोध कर रही भीड़ पर सरकारी पिस्टल तानी गई? कार्यक्रम बंद कराने के दौरान पुलिस पदाधिकारी और आयोजकों के बीच वास्तव में क्या हुआ? इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
एक ओर महिला कलाकार ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है, तो दूसरी ओर पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में सामने आए घटनाक्रम की वास्तविकता क्या है और किन आरोपों की पुष्टि होती है।