BEGUSARAI: बेगूसराय जिले के बालिका गृह में शनिवार को हुए औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) बेगूसराय ऋषिकांत के नेतृत्व में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कविता कुमारी एवं डीएलएसए सचिव करुणानिधि प्रसाद आर्य ने बालिका गृह का औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान बालिका गृह की साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। बालिकाओं को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर भी निरीक्षण टीम ने असंतोष जताया। इसके अलावा स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं में भी कई गंभीर कमियां सामने आईं, जिस पर न्यायिक पदाधिकारियों ने नाराजगी व्यक्त की।
औचक निरीक्षण की सूचना मिलते ही बालिका गृह परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान आवासीय व्यवस्था, रसोईघर, भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया गया तथा संबंधित अभिलेखों की भी जांच की गई।
निरीक्षण के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष ऋषिकांत ने बालिका गृह के अधीक्षक (सुपरिंटेंडेंट) को तत्काल सभी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बालिका गृह में रह रही बच्चियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान डीएलएसए सचिव करुणानिधि प्रसाद आर्य ने भी व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस दौरान डीएलएसए कर्मी इन्द्रसेन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के उपरांत संबंधित अधिकारियों को कमियों को तत्काल दूर कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।