BIHAR NEWS : बेगूसराय से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत डीएम कार्यालय के पास स्थित गांधी स्टेडियम में सुबह फिजिकल ट्रेनिंग कर रही छात्राओं के साथ छेड़खानी और मारपीट की गई। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह लगभग 6 बजे बड़ी संख्या में छात्राएं नियमित अभ्यास के लिए गांधी स्टेडियम पहुंची थीं। ये छात्राएं सिपाही भर्ती, होमगार्ड और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की शारीरिक तैयारी कर रही थीं। रोजाना की तरह वे रनिंग और एक्सरसाइज में जुटी थीं, तभी कुछ असामाजिक तत्व वहां पहुंच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी युवक नशे की हालत में थे और स्टेडियम परिसर में पहुंचते ही उन्होंने रनिंग कर रही छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़खानी शुरू कर दी। शुरुआत में छात्राओं ने इसका विरोध किया और उन्हें वहां से हटने के लिए कहा, लेकिन आरोपियों ने उल्टा गाली-गलौज शुरू कर दी।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब विरोध करने पर आरोपियों ने छात्राओं के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना के बीच जब फिजिकल ट्रेनिंग कर रहे कोच और ट्रेनर प्रवीण कुमार ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
इस घटना के बाद स्टेडियम परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद अन्य छात्राएं घबरा गईं और इधर-उधर भागने लगीं। करीब एक घंटे तक स्टेडियम में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिससे माहौल पूरी तरह दहशत में बदल गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपियों ने काफी देर तक स्टेडियम में उत्पात मचाया और खुलेआम धमकी देते रहे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमी भी साफ तौर पर उजागर हुई, क्योंकि इतने व्यस्त सार्वजनिक स्थल पर किसी भी तरह की स्थायी पुलिस या सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी नहीं थी।
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
घटना के बाद पीड़ित छात्राओं ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि वे रोजाना यहां अभ्यास के लिए आती हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ा हुआ है। छात्राओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक स्टेडियम में स्थायी पुलिस व्यवस्था या सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं होगी, तब तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
फिजिकल ट्रेनर प्रवीण कुमार ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से सुरक्षा व्यवस्था की विफलता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि स्टेडियम परिसर में प्रवेश को नियंत्रित किया जाए और बाहरी असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है और कहा है कि सार्वजनिक खेल मैदान और स्टेडियम जैसे स्थानों को सुरक्षित बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस तरह की घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाती हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और दोनों हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस और स्थायी व्यवस्था की तत्काल आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।