BEGUSARAI: बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। लखमिनिया से मधुसूदनपुर जाने वाली सड़क पर अचानक तेज बहाव के बीच पानी पार करने के दौरान दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। 


स्थानीय लोगों और नाविकों ने घंटों मशक्कत कर दोनों युवकों को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के पंचवीर गांव, वार्ड संख्या-7 निवासी सोगारथ पासवान के 17 वर्षीय पुत्र सोहन कुमार और फूलो पासवान के 18 वर्षीय पुत्र अमित कुमार के रूप में हुई है।


साइकिल लेकर पानी पार कर रहे थे दोनों युवक

स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों युवक साइकिल से दियारा क्षेत्र में अपने किसी रिश्तेदार से मिलकर वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान लखमिनिया-मधुसूदनपुर पथ पर सन्हा-गोरगामा बांध के आगे सड़क पर गंगा के पानी का बहाव अचानक तेज हो गया। देखते ही देखते सड़क पर करीब 3 से 4 फीट पानी जमा हो गया।


बताया गया कि दोनों युवक साइकिल लेकर पैदल ही पानी पार करने लगे। इसी दौरान सड़क पर बह रही तेज धारा की चपेट में आकर एक युवक का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देख दूसरे युवक ने बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। तेज बहाव और गहरे पानी के कारण दोनों युवक देखते ही देखते डूब गए।


नाविकों ने घंटों की मशक्कत के बाद निकाला बाहर

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने शोर मचाकर आसपास मौजूद लोगों को जानकारी दी। इसके बाद नाव से पहुंचे लोगों ने दोनों युवकों की तलाश शुरू की। काफी देर तक चले प्रयास के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


ग्रामीणों ने प्रशासन पर उठाए सवाल

हादसे के बाद ग्रामीणों में प्रशासन को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद इस रास्ते पर प्रशासन का ध्यान कम हो गया था। ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क के दोनों ओर बांस-बल्ले से की गई घेराबंदी सुरक्षा के लिहाज से लगाई गई थी, लेकिन पानी कम होने के बाद उसे खोल दिया गया।


ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने घेराबंदी नहीं हटाने का आग्रह किया था, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। उनका कहना है कि अगर सड़क के दोनों ओर सुरक्षा घेराबंदी बनी रहती तो लोगों को इस खतरनाक जलधारा वाले हिस्से में जाने से रोका जा सकता था।


ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इस इलाके में हर साल डूबने की घटनाएं होती हैं, बावजूद इसके अब तक यहां स्थायी और ऊंचे पुल की व्यवस्था नहीं हो सकी है। लोगों ने प्रशासन से हादसे वाले स्थान पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था और स्थायी पुल निर्माण की मांग की है।


दो परिवारों में मचा कोहराम

एक साथ दो युवकों की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।