Bihar News: बेगूसराय जिले में बाढ़ के बीच बिजली के करंट ने एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान ले ली। मवेशियों के लिए चारा लाने निकले पिता-पुत्र बाढ़ के पानी में गिरे बिजली के तार की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में मातम के साथ-साथ बिजली विभाग और प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। घटना रिफाइनरी थाना क्षेत्र के केशावे पंचायत स्थित सिसवा गांव वार्ड -11 के दास टोला की बताई जा रही है। 



मृतकों की पहचान 49 वर्षीय कैलाश दास और उनके पुत्र 28 वर्षीय संतोष कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सोमवार को कैलाश दास अपने बेटे संतोष कुमार के साथ घर से करीब 50 मीटर दूर बाढ़ के पानी के बीच मवेशियों के लिए हरा चारा काटने गए थे। लौटने के दौरान बाढ़ के पानी में पहले से बिजली का तार गिरा हुआ था। जैसे ही कैलाश दास पानी में आगे बढ़े, वे करंट की चपेट में आ गए। पिता को छटपटाता देख संतोष उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन पानी में करंट फैला होने के कारण वह भी उसकी चपेट में आ गया। देखते ही देखते दोनों पिता-पुत्र पानी में बेहोश होकर गिर पड़े।



कुछ देर बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों की नजर दोनों पर पड़ी। आनन-फानन में बिजली आपूर्ति बंद कराकर ग्रामीणों ने दोनों को पानी से बाहर निकाला और इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पिता-पुत्र की मौत की खबर फैलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए केशावे गांव के पास रिफाइनरी रोड को करीब तीन घंटे तक जाम कर दिया।



प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि घटना की सूचना बिजली विभाग को तत्काल दे दी गई थी, लेकिन सूचना मिलने के बावजूद विभागीय अधिकारी काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया। पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों की मांग थी कि बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाया जाए और पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिया जाए। मामले की जानकारी मिलने के बाद मटिहानी विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह तथा बिजली विभाग की एसडीओ लक्ष्मी कुमारी दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों ने आक्रोशित ग्रामीणों से काफी देर तक बातचीत की, जिसके बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया।



एसडीओ लक्ष्मी कुमारी के मुताबिक शुरुआती जानकारी में सामने आया कि बाढ़ के पानी के बीच फंसे व्यक्ति को पंप के जरिए सुरक्षित स्थान तक निकालने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान बिना लाइन काटे काम किए जाने के क्रम में करंट की चपेट में आने से हादसा हुआ। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की बात कही।



मटिहानी विधायक बोगो सिंह ने बिजली विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि विभाग की एसडीओ मौके पर पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि घटनास्थल तक पहुंचने के लिए सड़क पर बाढ़ का पानी है और प्रशासन की ओर से अब तक नाव की व्यवस्था नहीं किया जाना गंभीर चिंता का विषय है।



विधायक ने कहा कि पानी अधिक होने के कारण बिजली का तार भी पानी में चला गया, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने पीड़ित परिवार को जल्द मुआवजा दिए जाने की मांग की। मृतक के भाई विपिन कुमार दास ने बताया कि पानी में बिजली का तार गिरा हुआ था। उनके मुताबिक बिजली विभाग की लापरवाही के कारण परिवार ने दो लोगों को खो दिया। परिजनों के अनुसार संतोष कुमार के छोटे-छोटे बच्चे हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। वह मजदूरी करने के साथ मवेशी पालन कर परिवार का खर्च चलाते थे। परिजनों ने सरकार से तत्काल मुआवजा देने के साथ बाढ़ प्रभावित गांव में नाव और राहत की व्यवस्था कराने की मांग की है।



वहीं, मृतक के दादा प्रयाग दास ने बताया कि गांव के लोग पिछले कई दिनों से बाढ़ के पानी के बीच रहने को मजबूर हैं। खाने-पीने से लेकर आवागमन तक की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों की मांग है कि बाढ़ प्रभावित इलाके में खुले बिजली तारों को तत्काल सुरक्षित किया जाए, नाव की व्यवस्था हो और पीड़ित परिवार को जल्द सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।