Bihar News: बिहार के बेगूसराय जिले से बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक गरीब परिवार को इतना भारी बिजली बिल भेज दिया गया कि पूरा परिवार परेशान हो उठा। मामला छौड़ाही प्रखंड की सावंत पंचायत स्थित मोइन टोला वार्ड संख्या 16 का है, जहां रहने वाले दीपक पासवान ने बिजली विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दीपक पासवान का कहना है कि उनका परिवार बीपीएल श्रेणी में आता है और उनके छोटे से घर में सिर्फ दो बल्ब जलते हैं। इसके बावजूद विभाग ने उन्हें करीब सवा दो लाख रुपये का बिजली बिल थमा दिया। गरीब परिवार के लिए यह रकम किसी सदमे से कम नहीं है।
शनिवार को दीपक पासवान अपनी शिकायत लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनका कंज्यूमर नंबर 11720034066 है। दीपक के अनुसार उन्होंने आखिरी बार 3 दिसंबर 2016 को 122 रुपये का बिजली बिल जमा किया था। लेकिन इसके ठीक अगले महीने विभाग की ओर से अचानक 23 हजार 172 रुपये का बिल भेज दिया गया।
इतना बड़ा बिल देखकर परिवार के होश उड़ गए। दीपक ने बताया कि उन्होंने तुरंत बिजली विभाग के कार्यालय जाकर बिल सुधार की मांग की थी। 21 मार्च 2017 को विद्युत आपूर्ति अपर प्रमंडल मंझौल कार्यालय में आवेदन भी दिया गया, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
समय बीतता गया और बिजली विभाग की ओर से बकाया राशि लगातार बढ़ती चली गई। हालत यह हो गई कि 18 अक्टूबर 2023 को विभाग ने फिर नया बिल जारी किया, जिसमें राशि बढ़कर एक लाख 45 हजार 792 रुपये पहुंच चुकी थी। अब जुर्माना और अन्य शुल्क जोड़ने के बाद यह रकम सवा दो लाख रुपये के करीब बताई जा रही है।
दीपक पासवान का आरोप है कि बार-बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद किसी ने उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी। उनका कहना है कि जिस घर में मुश्किल से दो बल्ब जलते हैं, वहां इतना भारी बिल आना विभाग की बड़ी गड़बड़ी को दिखाता है।
इस मामले के सामने आने के बाद इलाके में भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब परिवारों को अक्सर गलत बिजली बिल की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई लोगों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
मामले को लेकर जब बिजली विभाग के खोदावंदपुर प्रशाखा के जूनियर इंजीनियर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ऐसे में विभाग का पक्ष सामने नहीं आ सका।
फिलहाल दीपक पासवान विभागीय दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं और उन्हें उम्मीद है कि जांच के बाद उनका बिजली बिल ठीक किया जाएगा। वहीं इस पूरे मामले ने एक बार फिर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और उपभोक्ताओं की परेशानियों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।