BESGSARAI: बेगूसराय में विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री का शहर भ्रमण नगर निगम की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर गया। शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने साइकिल से निकले डीएम को जगह-जगह फैली गंदगी, खुले नाले, टूटे ड्रेनेज सिस्टम, कचरे के ढेर और दुर्गंध भरा माहौल देखने को मिला। निरीक्षण के दौरान गांधी स्टेडियम परिसर की स्थिति देखकर जिलाधिकारी का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने नगर निगम के नगर आयुक्त को फोन पर ही जमकर फटकार लगा दी।


विश्व साइकिल दिवस के मौके पर डीएम श्रीकांत शास्त्री साइकिल से शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने करीब पांच किलोमीटर तक शहर की सफाई व्यवस्था, जलनिकासी और सार्वजनिक स्थलों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में उन्हें कई स्थानों पर खुले नाले, जाम नालियां, गंदगी का अंबार और बदहाल व्यवस्था देखने को मिली। शहर के कई हिस्सों से उठ रही दुर्गंध और अव्यवस्था को देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।


निरीक्षण के दौरान जब डीएम गांधी स्टेडियम पहुंचे तो वहां का नजारा और भी चिंताजनक था। स्टेडियम परिसर में भवनों के आसपास कूड़ा-कचरा फैला हुआ था। कई जगहों पर गंदगी का ढेर लगा था और वातावरण में दुर्गंध व्याप्त थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि स्टेडियम परिसर में बनाया गया ओपन जिम शौचालय की सेप्टिक टंकी के ऊपर स्थापित है, जिसके कारण वहां हमेशा बदबू बनी रहती है। स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया यह स्थल खुद अव्यवस्था और लापरवाही की कहानी बयां कर रहा था।


स्थिति को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने मौके पर ही नगर आयुक्त को फोन लगाया। बातचीत के दौरान उन्होंने नाराजगी भरे स्वर में कहा, "मैं अभी गांधी स्टेडियम में खड़ा हूं। यहां बिल्डिंग के पास भारी मात्रा में कचरा जमा है। आज पूरे शहर का भ्रमण किया हूं। हर जगह बदबू आ रही है। खुले नाले पड़े हुए हैं। आखिर यह कैसी व्यवस्था है? क्या आप कभी शहर घूमते नहीं हैं?" डीएम ने आगे कहा, "पूरा शहर गंदगी से जूझ रहा है। जहां देखिए वहीं कचरा फैला हुआ है। नगर निगम आखिर कर क्या रहा है? यह जनता के साथ मजाक है। शहर को कचरे के हवाले छोड़ दिया गया है।"


सूत्रों के अनुसार डीएम ने नगर आयुक्त को तत्काल गांधी स्टेडियम पहुंचने का निर्देश दिया और सफाई व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। निरीक्षण के दौरान डीएम ने केवल गांधी स्टेडियम ही नहीं बल्कि शहर के अन्य हिस्सों में भी सफाई और जलनिकासी की स्थिति पर चिंता जताई। कई स्थानों पर नालों की सफाई नहीं होने के कारण जलजमाव की समस्या बनी हुई थी। खुले नालों से उठ रही दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बरसात का मौसम नजदीक होने के कारण डीएम ने इसे गंभीर विषय बताते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।


मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि स्वच्छता केवल संकल्प लेने या अभियान चलाने से नहीं आएगी, बल्कि जमीनी स्तर पर लगातार काम करने से आएगी। उन्होंने कहा कि गांधी स्टेडियम जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर गंदगी का अंबार होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और नगर निगम को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी चाहिए।


वहीं स्थानीय नागरिकों ने भी शहर की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा सफाई के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल अलग दिखाई देती है। नियमित सफाई नहीं होने के कारण कई इलाकों में कचरा जमा रहता है और लोगों को दुर्गंध एवं बीमारियों के खतरे का सामना करना पड़ता है।


नगर निगम पर बरसे राजद विधायक बोगो सिंह, बोले- "नरक निगम नहीं बनना चाहिए बेगूसराय"


इस बीच नगर निगम की कार्यशैली को लेकर मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के राजद विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री सक्रिय और मेहनती अधिकारी हैं, लेकिन उनके अधीनस्थ अधिकारियों पर उनकी पकड़ कमजोर दिखाई दे रही है।


विधायक ने कहा कि नगर निगम की सामान्य बैठक और दिशा समिति की बैठक में उन्होंने पहले भी इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने कहा, "मैंने नगर आयुक्त से साफ कहा था कि हमें किसी भी कीमत पर जनता की गाली सुनने की आदत नहीं है। बेगूसराय नगर निगम को बिहार में 'नरक निगम' के नाम से नहीं जाना जाना चाहिए। इसकी गारंटी नगर निगम को देनी होगी।"


उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच जवाब देना पड़ता है और नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी भुगतना पड़ता है। उन्होंने बताया कि दिशा समिति की बैठक में भी उन्होंने जिलाधिकारी और सांसद की मौजूदगी में शहर की सफाई, जलनिकासी और नागरिक सुविधाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।


"15 जून के बाद नगर निगम में खेला शुरू होगा"


बोगो सिंह ने कहा कि अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय भी नहीं हुआ है, लेकिन हल्की बारिश में ही कई जगहों से जलजमाव की शिकायतें मिलने लगी हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो 15 जून के बाद नगर निगम क्षेत्र में हालात और खराब हो सकते हैं।


उन्होंने कहा, "मैं इस मुद्दे पर अंतिम लड़ाई तक जाऊंगा। किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। मैंने सामान्य बैठक और दिशा समिति की बैठक में भी साफ कहा था कि शहर में कहीं भी पानी जमा होना स्वीकार्य नहीं है। हर हाल में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।"


बुडको के कार्यों पर भी उठाए सवाल


राजद विधायक ने सीवरेज और सड़क निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बुडको द्वारा कराए गए कई कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बेगूसराय में बुडको के माध्यम से हुए कई कार्यों में गुणवत्ता का अभाव और अनियमितताएं देखने को मिली हैं।


उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जीडी कॉलेज के पीछे स्थित सड़क का निर्माण कार्य बुडको के तहत हुआ था, लेकिन कुछ ही महीनों में सड़क की हालत खराब हो गई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को राज्य सरकार और संबंधित मंत्री के समक्ष भी उठाया जाएगा।


विधायक ने कहा कि उनकी प्राथमिकता बेगूसराय को एक स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित शहर बनाना है। इसके लिए नगर निगम, प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को जवाबदेह बनाना जरूरी है।


फिलहाल डीएम की सख्ती और विधायक के तीखे तेवरों के बाद नगर निगम की कार्यशैली एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासनिक फटकार और जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद नगर निगम शहरवासियों को गंदगी, जलजमाव और बदहाल नागरिक सुविधाओं से राहत दिलाने के लिए कितनी गंभीरता से कदम उठाता है।