Bihar News: बेगूसराय में नवरात्र की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब पूजा के लिए गंगाजल लेने बूढ़ी गंडक नदी पहुंचे 23 वर्षीय बादल कुमार की डूबने से मौत हो गई। घटना नीमा चांदपुरा थाना क्षेत्र के पत्थर घाट की है। नहाने के दौरान बादल गहरे पानी में चला गया। बड़े भाई को आंखों के सामने डूबता देख छोटे भाई ने शोर मचाया और लोगों से बचाने की गुहार लगाई, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद नदी से उसका शव बाहर निकाला गया। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई।



मृतक की पहचान चांदपुरा गांव के चितरंजन टोला, वार्ड संख्या-9 निवासी मनोज साह के 23 वर्षीय पुत्र बादल कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बादल हर साल की तरह इस बार भी नवरात्र पूजा के लिए गंगाजल लेने अपने छोटे भाई के साथ बूढ़ी गंडक नदी के पत्थर घाट पहुंचा था। इसी दौरान नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते डूबने लगा। बड़े भाई को डूबता देख छोटे भाई ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और युवक को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसे सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका। कुछ ही देर में परिवार की पर्व की खुशियां मातम में बदल गईं।




बताया जाता है कि बादल सुबह करीब छह बजे घर से निकला था। चांदपुरा स्कूल के पास उसकी किराना की थोक दुकान है, जिसे वह अपने पिता और भाई के साथ मिलकर चलाता था। सुबह दुकान खोलने के बाद वह नवरात्र पूजा के लिए गंगाजल लेने नदी की ओर चला गया। इसी दौरान सुबह करीब साढ़े आठ बजे उसके नदी में डूबने की सूचना परिजनों को मिली। खबर मिलते ही घर में अफरा-तफरी मच गई और परिजन घाट की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय ग्रामीणों ने नदी में उसकी तलाश शुरू की। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद बादल का शव बाहर निकाला गया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।




हादसे के बाद पत्थर घाट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों ने घाट पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नदी में नहाने और गंगाजल लेने आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके। परिजनों ने घटना की सूचना देने के बावजूद पुलिस के देर से पहुंचने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, पुलिस के पहुंचने में देरी को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।




अस्पताल से सूचना मिलने के बाद शव को नीमा चांदपुरा थाना ले जाया गया। वहां आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चौकीदार के साथ शव को पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया गया। बादल की मौत ने परिवार के सपनों को भी उजाड़ दिया। बताया जाता है कि वह तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। छोटी बहन की शादी के बाद परिवार में बादल की शादी को लेकर भी तैयारियां चल रही थीं। परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। वह पिता और भाई के साथ दुकान चलाकर परिवार की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाता था।



जिस घर में नवरात्र पूजा की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा है। बेटे की असमय मौत से माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। नवरात्र के पावन अवसर पर गंगाजल लेने निकला बादल वापस घर नहीं लौट सका। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।