बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य में हाईवे पर बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत 34 जिलों और पुलिस थानों में कुल 61 गश्ती वाहन तैनात किए जाएंगे। इन वाहनों का उपयोग हाईवे पर सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही 183 पूर्व सैनिकों की अस्थायी नियुक्ति की जाएगी, जो इन वाहनों को चलाने का कार्य करेंगे।


गश्ती वाहनों का वितरण

प्रत्येक पुलिस थाना एक गश्ती वाहन से सुसज्जित होगा। जिन थानों को यह सुविधा प्रदान की गई है, उनमें से प्रमुख इस प्रकार हैं:

मुजफ्फरपुर: मीनापुर (एनएच-77), मोतीपुर (एनएच-28), गायघाट (एनएच-57)।

सीतामढ़ी: रुन्नीसैदपुर (एनएच-77)।

वैशाली: नगर (एनएच-19), जंदाहा (एनएच-103)।

बेतिया: लौरिया (एनएच-28बी)।


पूर्व सैनिकों की नियुक्ति

प्रत्येक थाने में तीन पूर्व सैनिकों की तैनाती की जाएगी। इस संबंध में दानापुर स्थित आर्मी वेलफेयर प्लेसमेंट ऑर्गनाइजेशन (AWPO) को पूर्व सैनिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पत्र भेजा गया है।


स्टेनो असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया शुरू

इसके साथ ही, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने स्टेनो असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर के 305 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।


महत्वपूर्ण जानकारी

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 17 जनवरी 2025।

आवेदन पोर्टल: bpssc.bihar.gov.in।


पदों का आरक्षण

अनारक्षित: 121 पद

एसटी: 6 पद

ईबीसी: 59 पद

बीसी: 37 पद

बीसी महिला: 14 पद

ईडब्ल्यूएस: 31 पद


पात्रता और शैक्षणिक योग्यता

न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता: 12वीं पास (किसी भी विषय में)।

कंप्यूटर में डिप्लोमा (सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान से)।

पात्रता की अंतिम तिथि: 01 अगस्त 2024।

इस भर्ती प्रक्रिया में फिजिकल टेस्ट की आवश्यकता नहीं है।


उद्देश्य और अपेक्षाएं

इन पहल के माध्यम से हाईवे पर सुरक्षा बढ़ाने और अपराधों को नियंत्रित करने के साथ-साथ बेरोजगारी को कम करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, स्टेनो असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर की भर्ती से पुलिस विभाग की प्रशासनिक क्षमता को भी सुदृढ़ किया जाएगा।


बिहार पुलिस की ये दोनों योजनाएं राज्य में सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ा कदम साबित हो सकती हैं। हाईवे पर गश्ती वाहनों की तैनाती और पूर्व सैनिकों की नियुक्ति से अपराधों पर नियंत्रण और नागरिकों में विश्वास का माहौल पैदा होगा।