बिहार के बांका जिले में शुक्रवार की देर रात एक दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। धनबाद से नई महिंद्रा कार लेकर पूर्णिया जा रहा एक चालक रास्ते में मौत का शिकार हो गया। खुशालपुर बहियार के पास अचानक अनियंत्रित हुई कार सीधे भदैई पोखर में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि कार पानी में पूरी तरह डूब गई और चालक की जान चली गई। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कार में चालक के अलावा भी कुछ लोग सवार थे? इसी आशंका ने हादसे को और रहस्यमय बना दिया है।


घटना रजौन थाना क्षेत्र के खुशालपुर बहियार स्थित भदैई पोखर की है। शुक्रवार की देर रात हुए इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों को जब पोखर में कार गिरने की जानकारी मिली तो मौके पर भीड़ जुट गई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और कार तथा उसमें फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश शुरू हुई।


धनबाद से पूर्णिया जा रही थी नई कार

मृतक की पहचान पूर्णिया जिले के बड़हरा थाना क्षेत्र के सुकसैना गांव निवासी कमल किशोर ठाकुर (45 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वह धनबाद से नई महिंद्रा 3XO कार लेकर पूर्णिया स्थित ब्रजेश ऑटोमोबाइल शोरूम जा रहे थे। उन्हें गाड़ी की डिलीवरी देनी थी। लेकिन रास्ते में रजौन के पास यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया।


बताया जा रहा है कि खुशालपुर बहियार के पास पहुंचते ही कार अचानक अनियंत्रित हो गई। चालक कुछ समझ पाता, इससे पहले ही गाड़ी सड़क से उतरकर भदैई पोखर में जा गिरी। पोखर में पानी की गहराई काफी अधिक होने के कारण कार देखते ही देखते पानी में समा गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बचाव की कोशिश की, लेकिन पानी की अधिकता के कारण तत्काल सफलता नहीं मिल सकी।


कार में और कौन था? हादसे के बाद बढ़ा सस्पेंस

इस दुर्घटना में सबसे बड़ा सवाल कार में सवार लोगों की संख्या को लेकर खड़ा हो गया है।कार से चालक कमल किशोर ठाकुर का शव बरामद कर लिया गया, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि गाड़ी में कुछ अन्य लोग भी मौजूद हो सकते थे।स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि चालक ने रास्ते में कुछ यात्रियों को भी कार में बैठा लिया था। हालांकि, इस बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय कार में वास्तव में कितने लोग सवार थे।इसी आशंका को देखते हुए पोखर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, ताकि पानी के अंदर किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की स्थिति में उसे खोजा जा सके।


20 फीट गहरा पोखर, सात घंटे बाद पहुंची NDRF

घटनास्थल पर अजगैबीनाथ धाम से एनडीआरएफ की टीम पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि पोखर में 20 फीट से अधिक पानी है। ऐसे में पानी के अंदर तलाशी लेना टीम के लिए चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।स्थानीय लोगों में एनडीआरएफ की टीम के पहुंचने में करीब सात घंटे लगने को लेकर नाराजगी भी देखी गई। लोगों का कहना है कि हादसे के बाद यदि बचाव दल जल्द पहुंचता तो राहत अभियान तेजी से शुरू हो सकता था। इस बीच पोखर में गिरी महिंद्रा कार को बाहर निकाल लिया गया है। कार से चालक का शव मिलने के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेजा गया, जहां शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया।


पुलिस के सामने कई सवाल, जांच में जुटी टीम

हादसे के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आखिर नई कार अचानक अनियंत्रित होकर पोखर में कैसे गिरी? क्या चालक को रास्ते में नींद आ गई थी या फिर कोई तकनीकी खराबी हादसे की वजह बनी? क्या कार में चालक के अलावा दूसरे लोग भी सवार थे? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। शोरूम मालिक के अनुसार, गाड़ी का ऑर्डर मिलने के बाद चालक धनबाद से उसे लेकर पूर्णिया आ रहा था। अब पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के साथ-साथ कार में अन्य लोगों की मौजूदगी की भी जांच कर रही है।

फिलहाल पूरे इलाके की निगाहें भदैई पोखर में चल रहे तलाशी अभियान पर टिकी हैं। एक नई कार की डिलीवरी देने निकले कमल किशोर ठाकुर की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं, कार में किसी और के सवार होने की आशंका ने इस हादसे को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।