Bihar News: बांका के चांदन में फर्जी आयकर और जीएसटी अधिकारी बनकर राइस मिल संचालक से 40.50 लाख रुपये लूटने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. झारखंड के देवघर जिले की जसीडीह थाना पुलिस ने बांका पुलिस के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मुख्य आरोपित के घर से वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की स्कॉर्पियो भी बरामद की है. हालांकि, लूट की रकम अभी पुलिस के हाथ नहीं लगी है.


गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बांका जिले के कैलाश पहाड़ी गांव निवासी घनश्याम यादव और तरैया गांव निवासी संजय सिंह व विशाल सिंह के रूप में हुई है. तीनों को गिरफ्तार करने के बाद जसीडीह पुलिस अपने साथ देवघर ले गई है. पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में भी लगातार छापेमारी कर रही है.


CCTV और तकनीकी जांच से आरोपितों तक पहुंची पुलिस

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई. इसके साथ ही आरोपितों के मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की गई. इसी आधार पर पुलिस को वारदात में शामिल बदमाशों के बारे में अहम सुराग मिले और इसके बाद अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया.


पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और लूटी गई रकम की बरामदगी के लिए कार्रवाई जारी है.


वंदे भारत पकड़ने जसीडीह जा रहे थे कारोबारी

घटना 8 अगस्त की सुबह की बताई जा रही है. चांदन प्रखंड के दर्दमारा बॉर्डर स्थित श्याम राइस मिल के संचालक श्याम सर्राफ उर्फ विक्की अपने एक परिचित के साथ बाइक से जसीडीह रेलवे स्टेशन जा रहे थे. उनके पास एक बैग में 40.50 लाख रुपये रखे हुए थे. उन्हें जसीडीह से कोलकाता जाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पकड़नी थी.


बताया गया कि दर्दमारा बॉर्डर पार करने के बाद रास्ते में पीछे से आई एक स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को ओवरटेक कर रोक लिया. स्कॉर्पियो से उतरे दो लोगों ने खुद को आयकर और जीएसटी विभाग का अधिकारी बताया और कारोबारी के पास मौजूद रुपये की जांच करने की बात कही.


आरोप है कि फर्जी अधिकारियों ने कारोबारी को जबरन स्कॉर्पियो में बैठा लिया. उनके साथ बाइक पर मौजूद परिचित को धमकाकर वहां से भगा दिया गया. इसके बाद बदमाश कारोबारी को लेकर जसीडीह थाना क्षेत्र के टाभाघाट गांव के पास एक सुनसान जगह पर पहुंचे.


वहां कारोबारी के साथ मारपीट कर 40.50 लाख रुपये से भरा बैग छीन लिया गया. इसके बाद बदमाश उन्हें जमुई जिले के चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र स्थित चिहराढाड़ी के जंगल में छोड़कर फरार हो गए.


बदमाशों के फरार होने के बाद कारोबारी ने किसी तरह पुलिस को सूचना दी. डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद चंद्रमंडीह पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें जंगल से बाहर निकाला. इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई.


जांच के दौरान पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान की. इसके बाद बांका और देवघर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया.


फिलहाल पुलिस लूटी गई 40.50 लाख रुपये की रकम की बरामदगी और गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच कर रही है. चांदन थानाध्यक्ष दिनेश कुमार वर्मा ने भी तीन आरोपितों की गिरफ्तारी और जसीडीह पुलिस द्वारा उन्हें देवघर ले जाने की पुष्टि की है.