Bihar Transport News: परिवहन विभाग में अजब-गजब का खेल चल रहा है. 17 अधिकारियों को डीटीओ में प्रमोशन दे दिया गया, पर पांच महीने बाद भी उन सभी से डीटीओ के अधीन एडीटीओ का कार्य लिया जा रहा है. प्रोन्नति पाए अधिकारी परेशान हैं. प्रोन्नत डीटीओ, जिला परिवहन पदाधिकारी के पद पर पोस्टिंग करने, ऐसा नहीं करने पर मुख्यालय वापस बुलाने की गुहार लगा रहे हैं. ऐसा लगा है, जैसे परिवहन विभागमें अराजक स्थिति उत्पन्न हो गई हो.   


परिवहन सचिव को लिखा पत्र 

औरंगाबाद के जिला परिवहन पदाधिकारी सह अपर जिला परिवहन पदाधिकारी ने 29 अगस्त 2026 को परिवहन विभाग के सचिव को पत्र लिखा है. जिसमें कहा गया है कि जिला परिवहन पदाधिकारी में प्रोन्नति मिले पांच महीने होने को हैं. इसके बाद भी आज तक जिला परिवहन पदाधिकारी के पद का कार्य नहीं कराया जा रहा है. औरंगाबाद के पीड़ित प्रोन्नत डीटीओ ने स्पष्ट किया है कि 6 अप्रैल 2026 को परिवहन सेवा के 17 पदाधिकारी जिनमें 12 अपर जिला परिवहन पदाधिकारी एवं पांच मोटरयान निरीक्षक, जिन्हें डीटीओ या समकक्ष पद पर प्रोन्नति दी गई थी.  


डीटीओ के अधीन डीटीओ कर रहे काम 

परिवहन सचिव को लिखे पत्र में औरंगाबाद के प्रोन्नत डीटीओ ने कहा है कि, खेदपूर्वक कहना पड़ रहा है कि इतना समय बीतने के बाद भी स्वतंत्र रूप से कार्य करने के लिए डीटीओ के पद पर पदस्थापित नहीं किया जा सका है. डीटीओ में प्रोन्नति मिलने के बाद भी उन्हें जिला परिवहन पदाधिकारी के अधीन एडीटीओ का काम करना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में प्रोन्नति प्राप्त पदाधिकारी के पद एवं दायित्व की गरिमा प्रभावित हो रही है. प्रमोशन मिलने के बाद भी पूर्व पद पर रखना प्रशासनिक दृष्टि से भी उचित नहीं है. 


परिवहन मुख्यालय बुला लिया जाए

औरंगाबाद के प्रोन्नत डीटीओ ने आगे लिखा है कि यदि विभागीय कारण से किसी जिले में जिला परिवहन पदाधिकारी के पद पर पदस्थापन संभव नहीं हो तो, मुख्यालय में पदस्थापित अन्य पदाधिकारियों की भांति मुझे भी परिवहन मुख्यालय बुला लिया जाय. ताकि डीटीओ के अधीन एडीटीओ का कार्य करने को बाध्य न होना पड़े.