Bihar Crime News: औरंगाबाद के मदनपुर थाना क्षेत्र में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है. मृतक की पहचान मदनपुर बाजार निवासी जितेंद्र प्रसाद के 30 वर्षीय बेटे विकास कुमार के रूप में हुई है. परिजनों का आरोप है कि मंगलवार रात बाजार से घर लौटते समय विकास को कुछ लोगों ने पकड़ लिया और घर के अंदर ले जाकर उसके साथ मारपीट की. इस दौरान लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से पिटाई किए जाने का आरोप है. इलाज के लिए ले जाने के दौरान विकास की मौत हो गई. पुलिस ने मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है.
परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात करीब 10 बजे विकास मदनपुर बाजार से अपने घर लौट रहा था. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले दिलीप कुमार वर्मा ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर उसे पकड़ लिया और अपने घर के अंदर ले गए. आरोप है कि घर के अंदर विकास के साथ मारपीट शुरू कर दी गई.
मृतक के भाई प्रवीण कुमार का आरोप है कि विकास को लाठी-डंडे और लोहे की रॉड से पीटा गया. मारपीट की जानकारी मिलने के बाद वह कुछ अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने घर के अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया. इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी.
सूचना मिलने पर मदनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने घर की तलाशी ली, जिसके बाद मकान के ऊपरी हिस्से से विकास को गंभीर हालत में बरामद किया गया. पुलिस और परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई.
विकास की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल भेज दिया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. शव घर पहुंचने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
परिजनों के मुताबिक, विकास तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था और मानसिक रूप से कमजोर था. बताया गया है कि वह अक्सर आसपास के घरों में चला जाता था और इसी क्रम में कई बार दिलीप कुमार वर्मा के घर भी जाता था. हालांकि, मंगलवार रात उसे घर के अंदर ले जाकर मारपीट करने की वजह क्या थी, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है.
मदनपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है.
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है. घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है. पुलिस हिरासत में लिए गए पांचों लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विकास को घर के अंदर क्यों ले जाया गया और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे.
पुलिस घटना की वजह, मारपीट में इस्तेमाल सामान और सभी आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है. परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों के साथ अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और एफएसएल जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.