Bihar Crime News: औरंगाबाद में पुलिस की वर्दी का रौब दिखाकर लोगों को डराने, अगवा करने और लूटपाट करने वाले कथित गिरोह का नगर थाना पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने एक युवक के अपहरण और लूट के मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से बिहार ग्रामीण रक्षा दल लिखी दो पुलिस वर्दियां, टोपी, पांच मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई है.


पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने एक युवक को अगवा करने के बाद उससे 30 हजार रुपये नकद लूट लिए और यूपीआइ के जरिए 70 हजार रुपये भी अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए. घटना के बाद पीड़ित को जीटी रोड के पास छोड़कर सभी आरोपित फरार हो गए.


गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बराटपुर मोहल्ला निवासी ललन कुमार उर्फ रामबाबू, सलैया थाना क्षेत्र के परसडीह गांव निवासी भीम कुमार पाल, रफीगंज थाना क्षेत्र के पिपराही गांव निवासी संजीत कुमार यादव और मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लाल बिगहा गांव निवासी लकेश कुमार के रूप में हुई है.


नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा के अनुसार, ललन कुमार निबंधन कार्यालय में कार्यालय परिचारी के पद पर कार्यरत है, जबकि लकेश कुमार चालक है. पुलिस का कहना है कि आरोपित ग्रामीण रक्षा दल से जुड़े हैं और पुलिस जैसी वर्दी पहनकर लोगों को भयभीत कर उनसे अवैध वसूली करते थे.


पुलिस के मुताबिक, पुरानी काजी मोहल्ला के नावाडीह रोड निवासी मो. इम्तेयाज को मंगलवार को शहर के गोला बाजार के पास से अगवा किया गया था. आरोप है कि आरोपित उसे अपने साथ लेकर गए और उससे 30 हजार रुपये नकद ले लिए. इसके बाद यूपीआइ के माध्यम से 70 हजार रुपये भी भीम कुमार पाल के खाते में ट्रांसफर कराए गए.


वारदात के बाद आरोपित इम्तेयाज को जीटी रोड स्थित सनथुआ पेट्रोल पंप के पास छोड़कर फरार हो गए. इसके बाद पीड़ित ने पुलिस को घटना की जानकारी दी. शिकायत मिलने के बाद नगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया.


वर्दी पहनकर लोगों को डराने का आरोप

थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपितों के ग्रामीण रक्षा दल से जुड़े होने और वर्दी पहनकर लोगों से कथित तौर पर अवैध वसूली करने की जानकारी सामने आई है. पुलिस के अनुसार, बरामद दोनों वर्दियों पर बिहार ग्रामीण रक्षा दल लिखा हुआ है.


पुलिस ने ललन कुमार उर्फ रामबाबू को इस गिरोह का कथित मुख्य सरगना बताया है. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से कितने लोगों को निशाना बनाया गया और गिरोह में कितने लोग शामिल हैं.


औरंगाबाद में पहले भी सामने आया था फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर वसूली का मामला


औरंगाबाद में पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डराने और वसूली करने का मामला पहले भी सामने आ चुका है. 13 सितंबर 2026 को नगर थाना पुलिस ने फर्जी प्रशिक्षु एसपी बनकर वसूली करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था.


पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में गयाजी जिले के टेकारी थाना क्षेत्र के अर्कढिबरिया गांव निवासी विकास कुमार, उसका सहयोगी चालक पिंटू कुमार और कथित फर्जी अंगरक्षक कुंदन कुमार शामिल थे. उस मामले में पुलिस ने स्कार्पियो, फर्जी पहचान पत्र और अन्य कागजात बरामद किए थे.


अब पुलिस यह जांच कर रही है कि बिहार पुलिस और ग्रामीण रक्षा दल की वर्दी का इस्तेमाल कर लूटपाट और अवैध वसूली करने वाला यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था और इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं.