Bihar Medical College: औरंगाबाद में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निर्माण को लेकर वर्षों बाद बड़ी प्रगति हुई है. मेडिकल कॉलेज के लिए तत्काल 20 एकड़ जमीन उपलब्ध हो गई है. जमीन उपलब्ध होने के बाद अब लंबे समय से अटकी निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की उम्मीद बढ़ गई है.


प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए कुल 33.77 एकड़ जमीन की जरूरत बताई गई है. फिलहाल 20 एकड़ जमीन उपलब्ध होने के बाद परियोजना से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता खुल गया है. इस परियोजना के लिए पहले ही प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है.


करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा अस्पताल

प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निर्माण पर करीब 400.29 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. अस्पताल में 430 बेड की व्यवस्था होगी, जबकि मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें प्रस्तावित हैं.


जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण अब तक निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी. अब जमीन मिलने के बाद कॉलेज परिसर, अस्पताल भवन, छात्रावास, चिकित्सकों के आवास, प्रशासनिक भवन और प्रयोगशालाओं समेत जरूरी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी.


मेडिकल कॉलेज अस्पताल शुरू होने के बाद औरंगाबाद और आसपास के लोगों को गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर मिलने की उम्मीद है. फिलहाल गंभीर मामलों में मरीजों को गया, पटना और दूसरे बड़े चिकित्सा केंद्रों में रेफर करना पड़ता है.


430 बेड वाले अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सा, जांच और उपचार की सुविधाएं विकसित होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज मिलने में मदद मिल सकती है. वहीं, मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद एमबीबीएस छात्रों को अस्पताल में व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा.


कॉलेज में चिकित्सकों, शिक्षकों, नर्सिंग और तकनीकी कर्मचारियों के साथ आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की व्यवस्था भी की जानी होगी. इससे जिले में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने का आधार तैयार होगा.


निर्माण शुरू कराने की अगली प्रक्रिया

जमीन उपलब्ध होने के बाद अब निर्माण कार्य को धरातल पर उतारना अगली बड़ी प्रक्रिया होगी. इसके लिए निविदा जारी करने, निर्माण एजेंसी के चयन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा किया जाना है.


मेडिकल कॉलेज के निर्माण से स्वास्थ्य सुविधाओं के अलावा रोजगार और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. कॉलेज और अस्पताल के निर्माण के साथ बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना है.


औरंगाबाद विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है. जमीन उपलब्ध होने के बाद अब निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की दिशा में काम किया जाएगा.


वहीं, डीएम अभिलाषा शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन उपलब्ध हो गई है. उन्होंने कहा कि जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण निर्माण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी.