Bihar News : बिहार के औरंगाबाद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर स्थित बटाने नदी का पुल अब खतरे की घंटी बन गया है। महज 15 साल पहले बने इस पुल में गंभीर दरारें आने के बाद जिला प्रशासन ने भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल रोक लगा दी है। पुल के स्लैब खिसकने और एक पिलर के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की सूचना के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। इस फैसले से जहां एक बड़ी दुर्घटना की आशंका को टालने की कोशिश की जा रही है, वहीं भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट भी तय कर दिए गए हैं।
दरअसल, एनएच-139 झारखंड के डाल्टनगंज और हरिहरगंज को बिहार के औरंगाबाद और पटना से जोड़ने वाला बेहद व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग है। लंबे समय से इस सड़क को फोरलेन बनाने की मांग उठती रही है, क्योंकि यहां हर दिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव का असर अब बटाने नदी पर बने पुल पर साफ दिखाई देने लगा है। तकनीकी जांच के दौरान पुल के कई हिस्सों में गंभीर दरारें पाई गईं, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कदम उठाया।
औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता द्वारा पुल की स्थिति को बेहद जर्जर बताया गया था। निरीक्षण के दौरान पुल के विभिन्न गर्डरों में दरार, बियरिंग पेडस्टल के पास क्षति और स्लैब के खिसकने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आईं। पुल की कुल लंबाई 225 मीटर बताई गई है और इसकी संरचना 9×25 मीटर की है। स्थलीय जांच के दौरान ली गई तस्वीरों ने भी पुल की खराब हालत की पुष्टि की।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से भारी और व्यवसायिक वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी है। हालांकि हल्के वाहनों को सावधानी के साथ पुल से गुजरने की अनुमति दी गई है। साथ ही पुल के दोनों ओर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और क्रैश बैरियर लगाने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
जिला प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित कर दिया है। यातायात डीएसपी मनोज कुमार के अनुसार, रोहतास से हरिहरगंज जाने वाले भारी वाहन अब बारूण-तेतरिया मोड़-जपला मार्ग होकर गुजरेंगे। गया और पटना से हरिहरगंज जाने वाले ट्रक और व्यवसायिक वाहन भी बारूण-जपला मार्ग का उपयोग करेंगे। वहीं हरिहरगंज से औरंगाबाद आने वाले भारी वाहनों का प्रवेश फिलहाल प्रतिबंधित रहेगा और उन्हें जपला-बारूण-एनएच-19 मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा।
इसके अलावा बड़ी यात्री बसों और 12 चक्का व्यवसायिक वाहनों के लिए भी अलग रूट तय किया गया है। हरिहरगंज से औरंगाबाद आने वाली बड़ी बसें अम्बा चौक-नवीनगर-बारूण मार्ग से आएंगी। वहीं रोहतास की ओर से आने वाले भारी वाहन बारूण-केशव मोड़-तेतरिया-नवीनगर-अम्बा चौक होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। पटना और गया की ओर से आने वाली बसों और ट्रकों को भी इन्हीं वैकल्पिक मार्गों से गुजरने की सलाह दी गई है।
छोटे वाहनों के लिए भी प्रशासन ने अलग व्यवस्था बनाई है। औरंगाबाद से नवीनगर जाने वाले छोटे वाहन चतरा मोड़ और माली मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों में दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती भी कर दी है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।
प्रशासन ने राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल को पुल की मरम्मत का कार्य तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही मरम्मत कार्य की प्रगति रिपोर्ट जल्द से जल्द जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया है। बटाने पुल की खराब स्थिति ने एक बार फिर बिहार में सड़क और पुलों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत की बात यह है कि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई कर संभावित बड़े हादसे को टालने की कोशिश की है।