ARWAL: मुहर्रम को लेकर अरवल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिले के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के साथ 139 स्थलों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती की गई है। वहीं, पुलिस केंद्र में दंगा नियंत्रण मॉक ड्रिल आयोजित कर जवानों को आपात परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया।


 मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से अरवल पुलिस द्वारा पुलिस केंद्र में दंगा नियंत्रण (रायट कंट्रोल) मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास पुलिस अधीक्षक डॉ. नवजोत सिमी के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस बल को संभावित विधि-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों से निपटने, भीड़ नियंत्रण, दंगा निरोधक उपकरणों के उपयोग, त्वरित प्रतिक्रिया तथा समन्वित कार्रवाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। अभ्यास में विभिन्न परिस्थितियों का प्रदर्शन कर जवानों को आपात स्थिति में प्रभावी कार्रवाई करने का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।


पुलिस अधिकारियों ने जवानों को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करते हुए संयम, सतर्कता और पेशेवर दक्षता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। साथ ही संवेदनशील परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपायों का भी अभ्यास कराया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. नवजोत सिमी ने निर्देश दिया कि मुहर्रम के दौरान जिले के सभी संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।


अरवल पुलिस ने आमजन से पर्व के दौरान शांति, भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तत्काल पुलिस को देने का अनुरोध किया है। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वही इसे शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं विधि-व्यवस्था के अनुरूप संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला पदाधिकारी अमृषा बैंस की अध्यक्षता में गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक डॉ नवजोत सिमी, उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी संजीव कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार संजय, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।


बैठक में जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों को सरकार एवं जिला प्रशासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मुहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन द्वारा जिले के 139 स्थलों को चिन्हित कर वहां दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के लिए गश्ती दल भी तैनात किए जाएंगे। जिला एवं अनुमंडल स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर 24 घंटे निगरानी और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।


ताजिया जुलूसों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। स्वयंसेवकों के पहचान पत्रों की जांच, जुलूस की वीडियोग्राफी तथा लाइसेंस की शर्तों के पालन को अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुहर्रम जुलूस में डीजे का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा तथा लाउडस्पीकर का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जा सकेगा। घातक एवं गैरकानूनी हथियारों के प्रदर्शन पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बैठक में विद्युत, स्वास्थ्य, अग्निशमन, नगर निकाय एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सतर्कता और जनसहयोग से मुहर्रम पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाएगा।