ARWAL: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2015 में एक ड्रीम प्रोजेक्ट बनाया जिसका नाम सात निश्चय योजना रखा। उसी ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक हर घर नल-जल योजना है। जिसके जरीये हर घर को नल का जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन नीतीश कुमार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का हाल अरवल में बुरा है। बिजली का ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण नल जल की आपूर्ति ठप हो गयी है। वही जलस्तर काफी नीचे चले जाने के कारण चापाकल सुख गया है। अब लोगों के सामने पेयजल की बड़ी समस्या उत्पन्न हो गयी है। पेयजल की मांग को लेकर गुस्साएं ग्रामीण सड़क पर उतर गये और हंगामा-प्रदर्शन करने लगे। वही गांव की महिलाएं भी बाल्टी लेकर एनएच 110 पर पहुंच गयी और प्रदर्शन करने लगी। 


अरवल में पानी के लिए ग्रामीणों ने अरवल जहानाबाद एनएच 110 को जाम किया। अरवल जिले के किंजर थाना क्षेत्र के महतपुरा ग्राम के ग्रामीणों ने गुरुवार को पीने का पानी के सवाल पर अरवल-जहानाबाद एनएच 110 मुख्य मार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया। जिससे यातायात घंटों बाधित रहा। ग्रामीणों का कहना है कि महतपुरा ग्राम में लगाए गये बिजली का ट्रांसफार्मर जल चुका है। ट्रांसफार्मर के जले दस दिन हो गये है। जिसके कारण नल जल की आपूर्ति ठप हो गयी है। चापाकल का जलस्तर काफी नीचे चले जाने के कारण सारा चापाकल सुख गया है।


 ऐसी स्थिति में ग्रामीण बगल के जिले पटना के एक गांव रुकनपुरा में लगे समरसेबल पंप से पाइप के माध्यम से पीने के लिए पानी कई दिनों से ला रहे हैं। इसी पाइप से पानी को संग्रह कर दिन-रात के लिए पानी का इंतजाम हो पा रहा था। ग्रामीण विद्युत विभाग के अधिकारी से ट्रांसफार्मर बदलने के लिए गुहाल लगाते-लगाते थक चुके हैं। अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है। जब ग्रामीणों को कुछ समझ में नहीं आया तो वे सड़क पर उतर गये और अपने गुस्से का इजहार करने लगे। 


कई घंटे तक एनएच 110 जाम रहा जिसके कारण गाड़ियों का आवागमन बाधित हो गया। एनएच 110 पर वाहनों की लंबी कतार दोनों ओर लग गई। सड़क जाम की सूचना पाकर किंजर थाना के अपर थाना अध्यक्ष पवन कुमार दास मौके पर पहुंच गये और लोगों को समझाने की कोशिश करने लगे। वहीं लोगों के हंगामे को देखते हुए विद्युत विभाग का जूनियर इंजीनियर भी अरवल से नया ट्रांसफार्मर लेकर महतपुरा गांव पहुंच गये जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ और यातायात बहाल हो सका।