Bihar Railways Update: बिहार के सीमांचल इलाके में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. कटिहार-बारसोई रेलखंड पर चल रहे नॉन इंटरलाकिंग (NI) कार्य के कारण कई ट्रेनों के परिचालन पर असर पड़ा है. रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द करने के साथ ही कई गाड़ियों के मार्ग में बदलाव किया है. इससे जोगबनी, अररिया, फारबिसगंज समेत सीमांचल क्षेत्र के हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) की ओर से जारी सूचना के अनुसार, रेलखंड पर ट्रैक और सिग्नल सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए नॉन इंटरलाकिंग का काम किया जा रहा है. रेलवे का कहना है कि यह कार्य यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य में बेहतर रेल परिचालन के लिए जरूरी है. हालांकि इस दौरान कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के बंद होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
रेलवे के अनुसार ट्रेन संख्या 75745/75746 कटिहार-जोगबनी-कटिहार डेमू का परिचालन 19 जून तक पूरी तरह रद्द रहेगा. वहीं सीमांचल के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण ट्रेन संख्या 15723/15724 जोगबनी-सिलीगुड़ी-जोगबनी एक्सप्रेस भी 20 जून तक नहीं चलेगी.
इन ट्रेनों के बंद होने से रोजाना नौकरी, व्यापार और पढ़ाई के लिए सफर करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. कई यात्री स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन रद्द होने की जानकारी मिलने से परेशान नजर आ रहे हैं.
इसके अलावा लंबी दूरी की ट्रेन कोलकाता-जोगबनी एक्सप्रेस पर भी असर पड़ा है. ट्रेन संख्या 13159 कोलकाता-जोगबनी एक्सप्रेस को 17 जून तक और वापसी में ट्रेन संख्या 13160 जोगबनी-कोलकाता एक्सप्रेस को 18 जून तक आंशिक रूप से रद्द किया गया है.
रेलवे ने बताया कि नॉन इंटरलाकिंग कार्य के कारण कुल 16 ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है. वहीं 4 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द किया गया है. कई अन्य ट्रेनों के समय और परिचालन में भी बदलाव किया गया है.
अचानक ट्रेनों के रद्द होने और मार्ग बदलने की वजह से कई स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है. गर्मी के मौसम में ट्रेन नहीं मिलने से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है.
यात्रियों की परेशानी को देखते हुए स्थानीय संगठनों ने रेलवे से वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है. चैंबर ऑफ कॉमर्स अररिया के सचिव राकेश रौशन और मंडल रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य बच्छराज राखेचा ने रेल प्रशासन से जल्द कदम उठाने की अपील की है.
उन्होंने कहा कि सीमांचल क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में रेल यात्रा पर निर्भर हैं. ऐसे में ट्रेनों के रद्द होने से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है.
रेल यात्री संघ और अन्य सामाजिक संगठनों ने भी मांग की है कि जब तक नियमित ट्रेनें शुरू नहीं होतीं, तब तक अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाए. संगठनों का कहना है कि आईसीएफ रैक की मदद से कुछ अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा सकती हैं, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी.
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वैकल्पिक ट्रेनें शुरू की जाती हैं तो स्टेशनों पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को राहत मिलेगी. इसके साथ ही रेलवे को भी अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है.