South Korean Citizens Arrested: नेपाल में पर्यटक वीजा पर रहकर कथित तौर पर धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में 24 दक्षिण कोरियाई नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में भी हलचल बढ़ गई है। मोरंग जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सुन्दरहरैंचा से गिरफ्तार सभी 24 विदेशी नागरिकों को शनिवार को आगे की कानूनी कार्रवाई और संभावित निष्कासन के लिए काठमांडू स्थित अध्यागमन विभाग को सौंप दिया। प्रशासन के मुताबिक, ये नागरिक पर्यटक वीजा पर नेपाल आए थे, लेकिन उन पर वीजा की शर्तों के विपरीत धार्मिक कक्षाओं, प्रशिक्षण और प्रचार गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
मोरंग के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी पवनराज कोइराला के अनुसार, सुन्दरहरैंचा नगरपालिका-7 स्थित नेपाल न्यू कोभेनेन्ट कॉलेज में धार्मिक अध्यापन, प्रशिक्षण और दीक्षांत समारोह के नाम पर गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ाई। जांच के दौरान कथित तौर पर वीजा नियमों के उल्लंघन की बात सामने आने के बाद संबंधित विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार किए गए लोगों में ‘लभ नेपाल मिशन’ के अध्यक्ष डॉ. पार्क गुइ ह्वान भी शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह संस्था ‘रत्न बाप्टिस फाउंडेशन’ नामक गुठी के तहत संचालित होती है। यहां धर्मशास्त्र से संबंधित सर्टिफिकेट, स्नातक, परास्नातक और पीएचडी स्तर तक के पाठ्यक्रम चलाए जाने का दावा किया गया है।
संस्थान में 300 से अधिक विद्यार्थियों के अध्ययनरत होने और करीब 45 जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रावास में रखकर धार्मिक शिक्षा दिए जाने की जानकारी सामने आई है। संस्था को दक्षिण कोरिया स्थित ‘लभ नेपाल मिशन’ से आर्थिक सहयोग मिलने की बात भी कही गई है।
नेपाल पुलिस के अपराध अनुसंधान से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से सीमावर्ती भारतीय क्षेत्रों में कथित संपर्कों की भी जांच किए जाने की जरूरत बताई गई है। अधिकारी के अनुसार, एक स्थानीय व्यक्ति के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों के दलित और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नेपाल ले जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस दावे और कथित नेटवर्क की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। जांच में किसी व्यक्ति या संस्था की संलिप्तता प्रमाणित होने के बाद ही इस संबंध में ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।
मोरंग जिला प्रशासन के मुताबिक, सभी 24 दक्षिण कोरियाई नागरिकों को विदेशी नागरिक अनुगमन निर्देशिका, 2075 के प्रावधानों के तहत आगे की जांच के लिए काठमांडू स्थित अध्यागमन विभाग भेजा गया है। अब मामले में वीजा नियमों के कथित उल्लंघन, संबंधित संस्थान की गतिविधियों और अन्य संभावित संपर्कों की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।