Bihar Crime News: बिहार के अररिया जिले से करोड़ों रुपये के मोबाइल हैंडसेट और एक्सेसरीज की रहस्यमयी गुमशुदगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. ग्रेटर नोएडा से असम के गुवाहाटी के लिए रवाना हुआ एक कंटेनर ट्रक अररिया में लावारिस हालत में बरामद हुआ है. जब कंटेनर की जांच की गई तो उसमें से सैकड़ों मोबाइल बॉक्स गायब मिले. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रक का चालक और खलासी भी रहस्यमय तरीके से फरार हैं. 


जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले के बेगीकोल निवासी राणा रामंजय सिंह ने इस मामले में नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है.


बताया जा रहा है कि कंटेनर में रियलमी, ओप्पो और वनप्लस जैसी बड़ी मोबाइल कंपनियों के स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान लोड थे. यह कंटेनर 6 जून को ग्रेटर नोएडा स्थित वेयरहाउस से गुवाहाटी के कामाख्या क्षेत्र के लिए रवाना हुआ था.शुरुआत में वाहन की लोकेशन और चालक से कंपनी का नियमित संपर्क बना हुआ था, लेकिन 7 जून के बाद अचानक चालक ने फोन उठाना बंद कर दिया.


चालक से संपर्क टूटने के बाद कंपनी प्रबंधन की चिंता बढ़ गई. इसके बाद कंटेनर की लोकेशन ट्रैक करने के लिए फास्टैग डेटा की जांच की गई. जांच में पता चला कि 7 जून की शाम करीब 7 बजे वाहन की आखिरी टोल एंट्री अररिया जिले के हरियाबाड़ा टोल प्लाजा पर दर्ज हुई थी. इसके बाद कंटेनर की गतिविधियों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी.


अगले दिन यानी 8 जून को कंटेनर अररिया के जीरो माइल स्थित एक पेट्रोल पंप के पास लावारिस हालत में खड़ा मिला. सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कंटेनर को कब्जे में लेकर जांच शुरू की. जब कंटेनर खोला गया तो अधिकारियों के होश उड़ गए.


जांच में सामने आया कि कंटेनर में कुल 1143 बॉक्स मोबाइल हैंडसेट और एक्सेसरीज लोड किए गए थे, लेकिन मौके पर सिर्फ 531 बॉक्स ही मौजूद थे. यानि 612 बॉक्स रहस्यमय तरीके से गायब पाए गए. प्रारंभिक अनुमान के अनुसार गायब हुए मोबाइल और अन्य सामान की कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है.


मामले की गंभीरता को देखते हुए अररिया के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने तत्काल एसआईटी का गठन कर दिया है.पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है.साथ ही चालक और खलासी की तलाश भी तेज कर दी गई है.


एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि कंटेनर के विभिन्न टोल प्लाजा से गुजरने के समय का विश्लेषण किया गया है. प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि अयोध्या और गोरखपुर के बीच वाहन की आवाजाही में असामान्य देरी हुई थी. यही कारण है कि पुलिस इस रूट को विशेष रूप से जांच के दायरे में रखकर छानबीन कर रही है.


चूंकि मामला उत्तर प्रदेश, बिहार और असम से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे अंतरराज्यीय अपराध मानकर जांच की जा रही है. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, फास्टैग रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल डेटा की मदद से पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है.