Bihar News: बिहार के अररिया जिले में अवैध पटाखा निर्माण के दौरान जोरदार धमाका हुआ है। शुक्रवार की देर शाम हुई इस घटना में दो मकान ध्वस्त हो गए। धमाका इतना जोरदार था कि पूरा इलाका दहल गया। घटना भरगामा प्रखंड मुख्यालय से सटे पश्चिम वार्ड संख्या-8 स्थित मुस्लिम टोला की बताई जा रही है।



जानकारी के मुताबिक, जिस जगह विस्फोट हुआ, वहां कथित तौर पर घर में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के दो पक्के मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई परिवार दहशत के कारण घर छोड़कर चले गए।



स्थानीय लोगों के मुताबिक, शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद धूल और बारूद के काले धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया। तेज आवाज सुनकर लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। धुआं कम होने के बाद दो मकानों के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने का पता चला।



मलबे की तलाशी के दौरान एक छोटे बच्चे के सिर के क्षत-विक्षत अवशेष मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, ये अवशेष किस बच्चे के हैं और घटनास्थल पर अन्य लोग भी दबे हैं या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। कई अन्य लोगों के हताहत होने की आशंका भी जताई जा रही है।



धमाके के बाद मुस्लिम टोला में मातम और दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद कई परिवार घरों में ताला लगाकर गांव से चले गए। कुछ घरों के खाली मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन को आशंका है कि विस्फोट में कुछ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हो सकते हैं। हालांकि, घायलों या मृतकों की संख्या को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।



विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी जितेंद्र कुमार समेत पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने पूरी रात घटनास्थल पर कैंप कर बचाव और राहत कार्यों की निगरानी की। घटनास्थल के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया गया और आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई, ताकि मलबे में मौजूद संभावित वैज्ञानिक एवं कानूनी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके।



मलबे की तलाशी के दौरान मानव अवशेष मिलने के बाद जांच को और गंभीरता से लिया जा रहा है। विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री, बारूद की क्षमता और संभावित रासायनिक पदार्थों का पता लगाने के लिए राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम और बम निरोधक दस्ता (BDS) को मौके पर बुलाया गया है।



स्थानीय ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि घनी आबादी वाले इस रिहायशी इलाके में कथित तौर पर लंबे समय से बिना लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के पटाखा निर्माण का काम चल रहा था। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस अब इस बिंदु की भी जांच कर रही है कि घटनास्थल पर पटाखा निर्माण के लिए सामग्री कहां से लाई जा रही थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।