PATNA : दिनदहाड़े पटना में बंदूक के बल पर पंचवटी ज्वेलरी से करोड़ों के डाके ने पटना को हिला कर रख दिया था. इस वारदात के बाद पटना पुलिस की जो किरकिरी हुई थी उससे अभी तक पटना पुलिस सीख नहीं ले पाई है. इस मामले में एसआईटी ने पुलिस की लाज और साख बचाते हुए वारदात में शामिल 3 लोगों को डकैती के कुछ माल के साथ अरेस्ट किया था. लेकिन अभी तक डैकेती में शामिल सारे अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. पूरा माल भी रिकवर नहीं हुआ है. डकैतों को कस्टडी रिमांड तक पर नहीं ले पाई पुलिस पटना पुलिस इस केस को लेकर कितनी सीरियस है आपको इस बात से अंदाजा लग जाएगा कि जेल भेजे गए 3 डकैतों को पुलिस कस्टडी रिमांड तक पर नहीं ले पाई. वारदात के 24 दिन बीत गए लेकिन पटना पुलिस इस केस को पूरी तरह सोल्व नहीं कर पाई. कस्टडी रिमांड पर खुल सकता है पूरा किस्सा ऐसा माना जा रहा है कि पुलिस इस केस में हवा में तीर चला रही है. जानकारों का कहना है कि पकड़े गए डकैतों को अगर कस्टडी रिमांड पर लिया जाता तो इस वारदात के और पहलू खोले जा सकते थे. डैकेतों से सख्ती से पूछताछ में कुछ और क्लू मिल सकता था. पीड़ित आभूषण कारोबारी ने पुलिस पर उठाए सवाल वारदात के 24 दिन बीत जाने के बाद भी पटना पुलिस इस केस को सोल्व नहीं कर पाई है, पटना पुलिस अब तक पूरी ज्वेलरी भी नहीं बरामद कर पाई है. ऐसे में अब पंचवटी ज्वेलर्स के मालिक पटना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करने लगे हैं. कहीं नेपाल तो नहीं निकल गए बाकी के अपराधी पुलिस की जद से बाहर बाकी के अपराधी को लेकर पटना पुलिस का दावा है कि वो लगातार छापेमारी कर रही है. लेकिन सवाल ये है कि अबतक अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों हैं. पुलिस महकमे के अंदरखाने में ही यह चर्चा बहुत तेज है कि कहीं बाकी के अपराधी नेपाल तो नहीं निकल गए.