NALANDA: कहते हैं मां की ममता का कोई मोल नहीं होता है, मां के आंचल में उसके बच्चे हमेशा महफूज रहते हैं. लेकिन तब क्या हो, जब एक मां मजबूरी में अपनी ही ममता का सौदा करने को तैयार हो जाए. चौंका देने वाली ये ख़बर नालंदा की है. जहां टीबी की बीमारी से ग्रसित एक महिला ने अपना इलाज कराने के लिए अपने दो मासूम बच्चों का ही सौदा कर डाला. महिला ने 50-50 हजार रुपये में अपने 6 महीने के दुधमुंहे बेटे और दो साल की मासूम बेटी को बेचने की बोली लगा दी. दरअसल गरीबी की मार झेल रही महिला के बच्चे कुपोषण का शिकार हैं, साथ ही महिला को भी टीबी है. टीबी का इलाज कराने की बात महिला ने जब अपने पति से की तो उसका पति उसे छोड़कर फरार हो गया. इलाज के लिए रुपयों के अभाव में महिला दर-दर भटकती रही, जब कहीं से मदद नहीं मिली तो महिला बिहारशरीफ सदर अस्पताल पहुंचकर अपने बच्चों को बेचने के लिए ग्राहक ढूंढने लगी. इस बात की जानकारी जब पत्रकारों को मिली तो उन्होंने इस संबंध में नालंदा के डीएम योगेंद्र प्रसाद से बात की. डीएम ने बिना समय गंवाए अस्पताल प्रबंधक को महिला और उसके दोनों बच्चों का नि:शुल्क इलाज करने का निर्देश दिया. जिसके बाद अस्पताल प्रबंधक ने महिला को बच्चों का सौदा नहीं करने की नसीहत दी.