ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में बड़ा बदलाव: चार रंग के डस्टबिन होंगे अनिवार्य, इस दिन से लागू होंगे नए नियम; गाइडलाइन जारी बिहार में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में बड़ा बदलाव: चार रंग के डस्टबिन होंगे अनिवार्य, इस दिन से लागू होंगे नए नियम; गाइडलाइन जारी BPSC TRE-4 पर बढ़ा विवाद: 3 दिन में विज्ञापन नहीं तो फिर आंदोलन, छात्र नेता का अल्टीमेटम छातापुर में टैलेंट का महाकुंभ: पनोरमा स्टार-2026 का भव्य उद्घाटन, 29 मार्च को सजेगा बॉलीवुड का मंच छातापुर में टैलेंट का महाकुंभ: पनोरमा स्टार-2026 का भव्य उद्घाटन, 29 मार्च को सजेगा बॉलीवुड का मंच फिल्म में निवेश के नाम पर 70 लाख की ठगी, पटना पुलिस ने संगीतकार साजिद-वाजिद के रिश्तेदार को महाराष्ट्र से दबोचा फिल्म में निवेश के नाम पर 70 लाख की ठगी, पटना पुलिस ने संगीतकार साजिद-वाजिद के रिश्तेदार को महाराष्ट्र से दबोचा पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति अजय कुमार सिंह को बड़ी राहत, गवर्नर ने फिर से किया बहाल; लगे थे यह आरोप पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति अजय कुमार सिंह को बड़ी राहत, गवर्नर ने फिर से किया बहाल; लगे थे यह आरोप Bihar Board 10th Result 2026: टॉपरों पर इनामों की बरसात, लाखों रुपये के साथ मिलेंगे लैपटॉप और स्कॉलरशिप

Home / big-news / हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, इंजीनियरिंग कॉलेजों में सुविधाओं की कमी...

हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, इंजीनियरिंग कॉलेजों में सुविधाओं की कमी पर ब्यौरा पेश करने का निर्देश

18-Sep-2019 09:17 PM

By 7

PATNA : सूबे के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बगैर बुनियादी सुविधाओं के चल रहे इंजीनियरिंग कालेजों के मामलें पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. न्यायमूर्ति शिवाजी पांडेय व न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की खण्डपीठ ने नरेंद्र मिश्रा की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को इस मामले में विस्तृत ब्यौरा पेश करने का निर्देश दिया. पटना उच्च न्यायालय ने इंजीनियरिंग कालेजों में बुनियादी सुविधाओं, नियमित शिक्षकों और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत आंकड़ों को प्रस्तुत करने के लिए बिहार सरकार को आदेश दिया है. सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज खोल दिए गए हैं. लेकिन वहां पर्याप्त संख्या में ही नियमित शिक्षक हैं. कॉलेजों में मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है. कोर्ट ने कहा कि इन इंजीनियरिंग कालेजों में बुनियादी सुविधाएं के साथ ऐसी शिक्षा होनी चाहिए कि बड़ी कंपनियां वहां आकर छात्रों का ""प्लेसमेंट"" कर सके. इससे छात्रों को सीधा फायदा होगा. उन्हें जॉब मिलेगी. न्यायालय की ओर से मामले की अगली सुनवाई 3 हफ्ते बाद तय की गई है.