PATNA:  बिहार में बिगड़ते लॉ एंड ऑर्डर की हालत के बीच पुलिस विभाग ने एक नई पहल की है. सूबे में पहली बार 'DG टास्क फोर्स' दस्ता का गठन किया गया है. यह दस्ता अपराध से प्रभावित जिलों का दौर कर जिले के सभी अनुमंडलों और सभी पुलिस अंचलों का क्राइम ऑडिट करेगा. पुलिस महानदेशक गतिशील दस्ते का गठन इस दस्ते की अगुवाई एक अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक स्तर के पदाधिकारी करेंगे जिसमें पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महनिरीक्षक, एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल होंगे. इस दस्ते में 5 से लेकर 15 तक अधिकारी शामिल होंगे. अपराधियों पर कसेगी नकेल जिलों का दौरा कर यह दल अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, अपराधियों के खिलाफ कुर्की जब्ती की कार्रवाई करने सहित अपराध के मामलों के अनुसंधान में थानों की मदद करेगा. सबसे खास बात यह है कि इस दल में सीआईडी के पदाधिकारी भी शामिल होंगे. जनता दरबार का होगा आयोजन जिलों के दौरे के दौरान क्राइम ऑडिट टीम एक जनता दरबार का भी आयोजन करेगी जिसमें लोगों से जुड़ी समस्याएं सुनी जाएंगी. साथ ही शिकायतों को तुरंत हल भी किया जाएगा. इस दल में शामिल पुलिस अधिकारी तीन दिनों तक अलग-अलग अनुमंडलों और ब्लॉकों में रहकर जन प्रतिनिधियों और स्थानीय पत्रकारों से मुलाकात करेंगे और मामलों की जानकारी देंगे. चौथे दिन यह दस्ता जिला मुख्यालय पहुंचकर जिला स्तर की मीडिया से संवाद करेगी. साथ ही यह दस्ता आम लोगों से भी मुलाकात करेगा और उनकी समस्याएं सुनकर उसका हल निकालेगा. पटना से राजन की रिपोर्ट