DESK: हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद सीबीआई ने बुधवार रात को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया. आज सीबीआई चिदंबरम को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करेगी. सूत्रों के मुताबिक सीबीआई 14 दिनों की रिमांड मांग सकती है. इससे पहले बुधवार को चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद सीबीआई ने चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया.  लुकआउट नोटिस जारी करने वाली सीबीआई और ईडी की टीम कल देर रात उनके घर पहुंची. दरवाजा बंद देख सीबीआई की टीम दीवार फांदकर अंदर गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उन्हें सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया. इससे पहले चिदंबरम ने कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खुद को निर्दोष बताया. INX मीडिया मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार दोपहर पी. चिदंबरम की अंतरिम जमानत खारिज कर दी थी. जिसके बाद चिदंबरम ने अदालत से तीन दिन की मोहलत मांगी कि उन्हें गिरफ्तार न किया जाए, लेकिन अदालत से ये मोहलत भी नहीं मिल पाई. हाईकोर्ट से झटका लगने के बाद पी. चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करना चाहा. उन्होंने कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और सलमान खुर्शीद से मुलाकात की और आगे की रणनीति पर विचार किया. उनकी तरफ से अदालत में जल्द सुनवाई का जिक्र किया गया, लेकिन अदालत ने तुरंत सुनने से इनकार कर दिया. क्या है पूरा मामला? पी. चिदंबरम पर INX मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से गैरकानूनी रूप से स्वीकृति दिलाने के लिए  रिश्वत लेने का आरोप है. ये मामला 2007 का है, जब चिदंबरम देश के वित्त मंत्री के पद पर थे. 2017 में CBI ने इस मामले में फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन बोर्ड से मिली स्वीकृति में गड़बड़ी पर FIR दर्ज की. जबकि ED ने 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया. इस मामले में आईएनएक्स मीडिया की मालकिन और आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को इस केस में अप्रूवर बनाया गया और इसी साल उनका स्टेटमेंट भी रिकॉर्ड किया गया. CBI के मुताबिक मुखर्जी ने गवाही दी कि उसने कार्ति चिदंबरम को 10 लाख रुपये दिए.