PATNA:  बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सूबे के सर्वोच्च संवैधानिक पद यानि राज्यपाल की मर्यादा को तार-तार कर दिया है. BPSC ने अपनी परीक्षा में परीक्षार्थियों से ये बताने को कहा कि कैसे बिहार के राज्यपाल सिर्फ एक कठपुतली हैं. BPSC के सवाल की जानकारी मिलने के बाद सरकार में खलबली मच गयी है. मजेदार बात ये है कि जिस BPSC ने ये सवाल पूछा है उसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल की करते हैं. https://www.youtube.com/watch?v=uhnvkUT2e_s BPSC का अजीबोगरीब सवाल दरअसल, BPSC की मुख्य परीक्षा थी. अभ्यर्थियों ने जब सवाल देखे तो वे भी हैरान रह गये. परीक्षार्थियों से पूछा गया था कि वे बतायें कि क्या बिहार के राज्यपाल केवल एक कठपुतली हैं? हालांकि इस एक लाइन से पहले कुछ भूमिका भी बांधी गयी थी. लेकिन परीक्षार्थियों को बताना यही था कि राज्यपाल सिर्फ कठपुतली हैं या नहीं. वैसे पूरा सवाल भी आप देख लीजिये “ भारत में राज्य की राजनीति में राज्यपाल की भूमा का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिये. विशेष रूप से बिहार के संदर्भ में। क्या वह केवल एक कठपुतली हैं?” संवैधानिक मर्यादाओं पर चोट राज्यपाल किसी राज्य का सर्वोच्च संवैधानिक पद होता है. कोई भी संस्था उनके खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी नहीं कर सकता. बिहार लोक सेवा आयोग ने सवाल ऐसे किया मानो किसी विपक्षी पार्टी का नेता आरोप लगा रहा हो. गौरतलब है कि बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति राज्यपाल ही करते हैं. यानि राज्यपाल ने जिसे नियुक्त किया उसने ही उनकी मर्यादा को तार-तार कर दिया. सरकार में खलबली कल हुई BPSC मुख्य परीक्षा के सवाल की चर्चा आज सरकार तक पहुंची. सरकार भी ऐसे सवाल से असहज दिखी. मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि BPSC के सवाल में प्रयोग की गयी भाषा गलत है. इसका समर्थन नहीं किया जा सकता.