बिहार में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में बड़ा बदलाव: चार रंग के डस्टबिन होंगे अनिवार्य, इस दिन से लागू होंगे नए नियम; गाइडलाइन जारी बिहार में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में बड़ा बदलाव: चार रंग के डस्टबिन होंगे अनिवार्य, इस दिन से लागू होंगे नए नियम; गाइडलाइन जारी BPSC TRE-4 पर बढ़ा विवाद: 3 दिन में विज्ञापन नहीं तो फिर आंदोलन, छात्र नेता का अल्टीमेटम छातापुर में टैलेंट का महाकुंभ: पनोरमा स्टार-2026 का भव्य उद्घाटन, 29 मार्च को सजेगा बॉलीवुड का मंच छातापुर में टैलेंट का महाकुंभ: पनोरमा स्टार-2026 का भव्य उद्घाटन, 29 मार्च को सजेगा बॉलीवुड का मंच फिल्म में निवेश के नाम पर 70 लाख की ठगी, पटना पुलिस ने संगीतकार साजिद-वाजिद के रिश्तेदार को महाराष्ट्र से दबोचा फिल्म में निवेश के नाम पर 70 लाख की ठगी, पटना पुलिस ने संगीतकार साजिद-वाजिद के रिश्तेदार को महाराष्ट्र से दबोचा पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति अजय कुमार सिंह को बड़ी राहत, गवर्नर ने फिर से किया बहाल; लगे थे यह आरोप पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति अजय कुमार सिंह को बड़ी राहत, गवर्नर ने फिर से किया बहाल; लगे थे यह आरोप Bihar Board 10th Result 2026: टॉपरों पर इनामों की बरसात, लाखों रुपये के साथ मिलेंगे लैपटॉप और स्कॉलरशिप
18-Sep-2019 08:22 PM
By 7
PATNA : क्या दलित तबके से आने वाली 12 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी के आरोपी विधायक अरूण यादव की गिरफ्तारी के लिए दिखावे की कार्रवाई हो रही है. रेप के आरोपी विधायक के पटना आवास पर पुलिस ने एक सप्ताह में तीसरी दफे छापेमारी की है. क्या अरबपति माने जाने वाले विधायक अपने 5 कमरे के सरकारी आवास में छिप कर बैठे हैं या लड़की के साथ हुए रेप का सबूत दो महीने बाद भी विधायक और उसके लोगों ने सलामत रखा होगा. पुलिसिया कार्रवाई से ऐसे ढेर सारे सवाल उठ खड़े हुए हैं. दो महीने बाद पुलिस के एक्शन पर सवाल दो महीने पहले आरा के सेक्स रैकेट कांड में विधायक अरूण यादव का नाम आया था. अरूण यादव न गिरफ्तार हुआ ना ही उसके सरकारी आवास पर छापेमारी हुई, जहां लड़की को ले जाया गया था. लेकिन पिछले एक सप्ताह में पुलिस ने आज तीसरे दफे अरूण यादव के सरकारी आवास पर छापा मारा. भोजपुर पुलिस की टीम आज शाम अरूण यादव के घऱ पर पहुंची और पूरे घऱ को सर्च किया. सवाल ये है कि क्या अरबपति माने जाना वाला विधायक 5 कमरे के घऱ के किसी कोने में छिपा है जो पुलिस सिर्फ सरकारी आवास में ही छापा मार रही है. क्या दो महीने बाद भी सलामत छोड़े गये सबूत आरा की नाबालिग लड़की को महीनों पहले विधायक के पटना स्थित सरकारी आवास पर ले जाने की बात कही जा रही है. दो महीने पहले तो ये मामला पुलिस की संज्ञान में आ गया था. लड़की के बयान के बाद विधायक के आवास पर छापेमारी होती तो शायद कुछ सबूत मिल सकते थे. लेकिन घटना के दो ढ़ाई महीने बाद विधायक आवास में कौन से सबूत तलाशे जा रहे हैं. पुलिस ने कुछ भी बोलने से इंकार किया हमारी टीम ने विधायक के आवास पर छापेमारी कर रही पुलिस की टीम से बात करने की कोशिश की. लेकिन पुलिस ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया.